मोजतबा खामेनेई के ठिकाने पर फिर उठे सवाल, इजरायली सुरक्षा अधिकारी के दावे से ईरान की राजनीतिक और सुरक्षा स्थिति पर बढ़ी चर्चा
रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली अधिकारी ने कहा कि मोजतबा खामेनेई का लंबे समय से सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं देना कई सवाल खड़े करता है। दावा किया गया कि हाल के दिनों में उनके नाम से जारी किए गए संदेश और सार्वजनिक बयान वास्तव में ईरान के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा तैयार और जारी किए जा रहे हैं। अधिकारी ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के वरिष्ठ पदाधिकारियों की भूमिका हो सकती है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि के लिए कोई आधिकारिक या स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है।
दावे में यह भी कहा गया कि ईरानी नेतृत्व के भीतर मतभेद गहराते जा रहे हैं और इसका असर देश की सुरक्षा व्यवस्था तथा शीर्ष संस्थानों पर भी पड़ सकता है। इजरायली अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि ईरान ने इजरायल के खिलाफ एक गुप्त अभियान की योजना तैयार की थी, जिसका उद्देश्य वरिष्ठ इजरायली अधिकारियों को निशाना बनाना था। इस दावे को लेकर भी अभी तक किसी स्वतंत्र एजेंसी या आधिकारिक संस्था ने पुष्टि नहीं की है।
मोजतबा खामेनेई को लेकर पहले भी कई तरह की अटकलें सामने आती रही हैं। उनकी सार्वजनिक अनुपस्थिति के कारण समय-समय पर उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर विभिन्न दावे किए गए। कुछ रिपोर्टों में उन्हें गंभीर रूप से घायल होने की बात कही गई, जबकि अन्य रिपोर्टों में उनके सुरक्षित होने का दावा किया गया। हालांकि, इन दावों पर भी कोई स्पष्ट और आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
विश्लेषकों का मानना है कि ईरान और इजरायल के बीच लंबे समय से जारी तनावपूर्ण संबंधों के बीच इस तरह के दावे और प्रतिदावे सामने आते रहते हैं। ऐसे मामलों में दोनों पक्षों की ओर से सूचना युद्ध भी देखने को मिलता है, इसलिए किसी भी दावे को अंतिम निष्कर्ष मानने से पहले आधिकारिक पुष्टि और स्वतंत्र सत्यापन का इंतजार करना आवश्यक होता है।
फिलहाल मोजतबा खामेनेई के वर्तमान ठिकाने, स्वास्थ्य या सार्वजनिक गतिविधियों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ईरानी सरकार की ओर से भी इस दावे पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में आने वाले दिनों में यदि किसी पक्ष की ओर से आधिकारिक बयान जारी होता है तो उससे इस पूरे मामले की वास्तविक स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। अभी तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर इतना ही कहा जा सकता है कि यह मामला दावों और अटकलों के बीच बना हुआ है तथा इसकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
