August 10, 2026

मध्य प्रदेश में बारिश का कहर: भोपाल में 7 इंच पानी से हाहाकार, विदिशा में 17 लोगों का रेस्क्यू; कई शहरों में रास्ते बंद

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मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होने के बाद सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। राजधानी भोपाल समेत विदिशा सीहोर शाजापुर रायसेन राजगढ़ और कई अन्य जिलों में लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। विदिशा में बाढ़ के पानी में बच्चों समेत 17 लोग फंस गए जिन्हें पुलिस प्रशासन और होमगार्ड की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। वहीं भोपाल में पिछले 24 घंटे के दौरान करीब 7 इंच बारिश दर्ज की गई जिसके बाद शहर के कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं और घरों तक पानी पहुंच गया।

भोपाल में बारिश का असर रेलवे स्टेशन से लेकर पुलिस थाने तक दिखाई दिया। भोपाल रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर पानी भरने से रेल परिचालन प्रभावित होने की स्थिति बनी वहीं ईंटखेड़ी थाना परिसर में भी बारिश का पानी घुस गया। शहर की कई कॉलोनियों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सेमरा इलाके में करीब 200 घरों के आसपास 5 से 6 फीट तक पानी भरने की सूचना है जिससे बड़ी संख्या में लोग अपने घरों में ही फंसकर रह गए। अपोलो अस्पताल के आसपास की कॉलोनियों कंफर्ट ग्रीन कॉलोनी और पुलिस हाउसिंग कॉलोनी में भी पानी भरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। पेड़ गिरने के कारण वीआईपी रोड पर यातायात भी प्रभावित हुआ।

बारिश का असर भोपाल के आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी देखने को मिला। भोपाल बैरसिया मार्ग पर ईंटखेड़ी पुल के आसपास पानी बढ़ने और कई नदियों नालों के उफान पर आने से आवागमन प्रभावित हुआ। बैरसिया और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव के कारण कई रास्तों पर आवाजाही रोकनी पड़ी। ब्यावरा में रेलवे अंडरपास में पानी भर जाने से करीब 25 गांवों का संपर्क टूट गया है। सीहोर में भी कई रास्तों पर पानी बहने लगा और श्यामपुर समेत कई इलाकों में मकानों के भीतर बारिश का पानी घुस गया। सेवनिया में मंदिर के डूबने की तस्वीरें भी सामने आई हैं।

विदिशा में ग्राम बामनखेड़ा के लश्करपुर रोड पर बाढ़ का पानी भरने के बाद करीब 17 लोग फंस गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और होमगार्ड की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। लगातार बारिश के कारण जिले में नदी नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है और प्रशासन की ओर से लोगों को जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

शाजापुर जिले के अकोदिया क्षेत्र में कालीसिंध नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण आसपास के निचले इलाकों में खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी के आसपास नहीं जाने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। नलखेड़ा रोड की पड़ाव कॉलोनी में कई घरों और दुकानों में पानी घुस गया। वहीं उकावल जाने वाले मार्ग के रेलवे अंडरब्रिज में पानी भरने से आवाजाही प्रभावित हुई।

रतलाम में भी सुबह से हो रही बारिश के कारण नदी नालों और जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ गया है। सैलाना के आडवानिया स्थित केदारेश्वर महादेव मंदिर का झरना तेज धार के साथ बहने लगा। सावन के दूसरे सोमवार के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ भी पहुंची। सीहोर में उफनते नाले के बीच एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने का मामला भी सामने आया। वहीं कई गांवों में रास्ते पानी में डूब गए हैं।

पिछले 24 घंटे के आंकड़ों पर नजर डालें तो भोपाल में करीब 7 इंच बारिश हुई। नर्मदापुरम में 5 इंच रायसेन में 4.9 इंच राजगढ़ और शाजापुर में करीब 4.5 इंच तथा सीहोर में लगभग 4 इंच बारिश दर्ज की गई। मंडला में नर्मदा का जलस्तर कुछ कम हुआ है लेकिन छोटा पुल अब भी पानी में डूबा हुआ है। उमरिया के जोहिला डैम के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।

लगातार बारिश से जहां किसानों को फसलों के लिए राहत मिली है वहीं जलभराव और बाढ़ ने कई इलाकों में लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। प्रशासन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं और जहां भी लोग पानी में फंस रहे हैं वहां रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच लोगों से नदी नालों पुलों और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।

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