ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी की जिंदगी के 10 रोचक राज, धर्मेंद्र के साथ हिट जोड़ी, शाहरुख खान की फिल्म से जुड़ा निर्देशन का किस्सा
नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा की ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी अपनी खूबसूरती शानदार अदाकारी और शास्त्रीय नृत्य के लिए दशकों से दर्शकों के दिलों पर राज करती आई हैं। फिल्मों में अपनी खास पहचान बनाने वाली हेमा मालिनी ने अभिनय के साथ निर्देशन नृत्य और राजनीति के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। उनके 78वें जन्मदिन के मौके पर उनके जीवन और करियर से जुड़े कई ऐसे दिलचस्प पहलू चर्चा में हैं जो उन्हें हिंदी सिनेमा की सबसे अलग अभिनेत्रियों में शामिल करते हैं। उनका सफर केवल फिल्मों की सफलता तक सीमित नहीं रहा बल्कि उन्होंने भारतीय संस्कृति और कला को भी लगातार आगे बढ़ाया है।
हेमा मालिनी ने हिंदी फिल्मों में पहचान बनाने से पहले तमिल सिनेमा में काम किया था। वर्ष 1961 में आई फिल्म इथु साथियाम उनके शुरुआती अभिनय सफर का हिस्सा रही। हालांकि इस फिल्म से उन्हें बड़ी पहचान नहीं मिली लेकिन इसने उनके फिल्मी करियर की शुरुआत में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने हिंदी सिनेमा में कदम रखा और अपनी अदाकारी तथा आकर्षक व्यक्तित्व से दर्शकों का ध्यान खींचा। 1970 के दशक और 1980 के शुरुआती वर्षों में वह हिंदी फिल्मों की सबसे ज्यादा फीस लेने वाली अभिनेत्रियों में गिनी जाती थीं। यह उपलब्धि उस दौर में उनकी लोकप्रियता और स्टारडम को दर्शाती है।
हेमा मालिनी की पहचान बनाने में उनकी कई फिल्मों का बड़ा योगदान रहा। सीता और गीता में उनके अभिनय ने दर्शकों को प्रभावित किया जबकि शोले में बसंती का किरदार आज भी बेहद लोकप्रिय है। धर्मेंद्र के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया। पर्दे पर वीरू और बसंती की केमिस्ट्री हिंदी सिनेमा के यादगार पलों में शामिल हो गई। दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया और बाद में विवाह भी किया। उनकी जोड़ी की लोकप्रियता आज भी फिल्मों के शौकीनों के बीच बनी हुई है।
उनके करियर की एक दिलचस्प बात यह भी है कि उन्होंने कपूर परिवार की अलग-अलग पीढ़ियों के कलाकारों के साथ काम किया। राज कपूर शम्मी कपूर शशि कपूर रणधीर कपूर और ऋषि कपूर जैसे अभिनेताओं के साथ उनका फिल्मी सफर हिंदी सिनेमा के कई दौरों से जुड़ता है। इस तरह उन्होंने बदलते समय के साथ अपनी पहचान कायम रखी और अलग-अलग तरह के किरदार निभाए।
अभिनय के अलावा हेमा मालिनी एक प्रशिक्षित शास्त्रीय नृत्यांगना भी हैं। उन्होंने भरतनाट्यम के साथ कुचिपुड़ी और मोहिनीअट्टम का प्रशिक्षण लिया है। देश और विदेश के मंचों पर उन्होंने अपनी नृत्य कला का प्रदर्शन किया। भारतीय पारंपरिक नृत्य को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने नाट्य विहार कलाकेंद्र की स्थापना भी की। वर्ष 2024 में अयोध्या के राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर उन्होंने रामायण पर आधारित नृत्य नाटिका में माता सीता की भूमिका निभाई थी।
हेमा मालिनी का जीवन फिल्मों और नृत्य से आगे भी फैला हुआ है। जानवरों के प्रति उनके लगाव और संरक्षण से जुड़े प्रयासों के लिए पेटा इंडिया ने वर्ष 2011 में उन्हें पर्सन ऑफ द ईयर सम्मान दिया था। उन्होंने राजनीति में भी अपनी पहचान बनाई। वह वर्ष 2003 से 2009 तक राज्यसभा की सदस्य रहीं और बाद में भारतीय जनता पार्टी से जुड़कर सक्रिय राजनीति में काम किया।
उन्हें ड्रीम गर्ल का नाम वर्ष 1977 में आई फिल्म ड्रीम गर्ल से खास तौर पर लोकप्रिय हुआ। उनकी सुंदरता और पर्दे पर प्रभावशाली मौजूदगी ने इस उपनाम को उनकी स्थायी पहचान बना दिया। उन्होंने टेलीविजन पर दूरदर्शन के कार्यक्रम रंगोली की प्रस्तोता के रूप में भी काम किया और कई धारावाहिकों के निर्माण तथा निर्देशन से जुड़ी रहीं।
निर्देशन के क्षेत्र में भी हेमा मालिनी ने अपनी प्रतिभा दिखाई। वर्ष 1992 में आई फिल्म दिल आशना है का निर्देशन उन्होंने किया था। फिल्म में शाहरुख खान और दिव्या भारती मुख्य भूमिकाओं में थे। शाहरुख खान ने यह फिल्म दीवाना से पहले साइन की थी लेकिन दीवाना पहले रिलीज हुई और इसी से उनका हिंदी फिल्मी पदार्पण हुआ।
इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि हेमा मालिनी ने शाहरुख खान को सुपरस्टार बनाया लेकिन उनकी फिल्म शाहरुख के शुरुआती करियर से जुड़ा एक महत्वपूर्ण किस्सा जरूर है। बाद में हेमा मालिनी ने टेल मी ओ खुदा का भी निर्देशन और निर्माण किया। उनका बहुआयामी सफर बताता है कि ड्रीम गर्ल की पहचान केवल खूबसूरती तक सीमित नहीं बल्कि अभिनय नृत्य निर्देशन और सार्वजनिक जीवन में उनके लंबे योगदान से बनी है।
