September 26, 2026

मौसम के बदले तेवर: हेमकुंड साहिब में बर्फबारी, यूपी में सड़कों पर पानी, हिमाचल-उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट

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नोएडा। मानसून की विदाई के बीच देश के उत्तर और मध्य हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है। उत्तराखंड के हेमकुंड साहिब में बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है, वहीं उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से कई शहरों में जलभराव की स्थिति है। हिमाचल प्रदेश में भी बादल सक्रिय हैं और कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तराखंड में तो 26 और 27 सितंबर के लिए कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट है।

यूपी में बारिश से जनजीवन प्रभावित, 19 जिलों में स्कूल बंद
उत्तर प्रदेश में बृहस्पतिवार आधी रात के बाद शुरू हुआ बारिश का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहने के आसार हैं। प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में कहीं धीमी तो कहीं तेज बारिश हुई। लगातार बारिश से सड़कों पर पानी भर गया और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।

मौसम विभाग ने श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा 62 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है।

बारिश के कारण मानसून सीजन में प्रदेश में रह गया करीब चार फीसदी बारिश का अंतर भी पूरा हो गया है। हालात को देखते हुए शनिवार को 19 जिलों में स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। नर्सरी से लेकर डिग्री कॉलेज तक के शिक्षण संस्थान प्रभावित रहेंगे। चार जिलों में कक्षा आठ तक और अन्य जिलों में कक्षा 12 तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए सरोजनीनगर विधायक राजेश्वर सिंह ने भी स्कूल बंद रखने के प्रशासन के फैसले का समर्थन किया है।

बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बढ़ी बारिश
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसम तंत्र के पश्चिमी विक्षोभ के साथ मिलने से उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। शनिवार को भी बारिश का दायरा और बढ़ने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान गिरा है। कई जगह अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया है।

खेतों में बिछी धान की फसल
लगातार बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। कई इलाकों में खेतों में खड़ी धान समेत दूसरी फसलें गिर गई हैं। जौनपुर, मिर्जापुर और आजमगढ़ में धान की फसल बिछने की सूचना है। इससे किसानों को फसल खराब होने और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।

हिमाचल में चार दिन बारिश, 27 सितंबर को सबसे ज्यादा असर
हिमाचल प्रदेश में भी मौसम का मिजाज बदल गया है। प्रदेश में अगले चार दिन बारिश का दौर रहने का अनुमान है। राजधानी शिमला में सुबह धूप खिली, लेकिन दोपहर होते-होते घने बादल छा गए।

मौसम विभाग के अनुसार 26 सितंबर की शाम या रात से 29 सितंबर की सुबह तक दक्षिण-पूर्वी हिमाचल और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। 27 सितंबर को बारिश की तीव्रता सबसे अधिक रहने का पूर्वानुमान है।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक सिरमौर, शिमला, सोलन, मंडी और बिलासपुर के कुछ हिस्सों में 26 सितंबर की शाम से 29 सितंबर की सुबह तक व्यापक बारिश हो सकती है। इस दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ अंधड़ और बिजली चमकने की भी आशंका है।

29 सितंबर को भी कई हिस्सों में बारिश हो सकती है, जबकि 30 सितंबर से 2 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर हल्की बारिश का अनुमान है। पिछले 24 घंटे में धर्मशाला में 46.0 मिमी, भरेरी में 18.2 मिमी, धौलाकुआं में 11.0 मिमी और भरवाईं में 8.0 मिमी बारिश दर्ज की गई।

हिमाचल में किस दिन कौन सा अलर्ट
27 सितंबर: सिरमौर में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। बिलासपुर, मंडी, शिमला, सोलन और किन्नौर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

28 सितंबर: शिमला, सोलन और सिरमौर में येलो अलर्ट रहेगा।
27 और 28 सितंबर: ऊना, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, किन्नौर और स्पीति के कुछ हिस्सों में मध्यम बारिश की संभावना है।
26 से 28 सितंबर के बीच शिमला, सोलन और सिरमौर तथा 27 सितंबर को किन्नौर, बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में कुछ स्थानों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
26 सितंबर को शिमला, सिरमौर और किन्नौर में कई जगह हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर तेज बारिश का अनुमान है। कुल्लू, कांगड़ा, मंडी और लाहौल-स्पीति में हल्की बारिश हो सकती है।

उत्तराखंड में हेमकुंड साहिब बर्फ से ढका, कई जिलों में रेड अलर्ट
उत्तराखंड के हेमकुंड साहिब में मौसम खराब होने के बाद लगातार बर्फबारी हो रही है। बर्फबारी के चलते धाम में ठंड काफी बढ़ गई है। इसी बीच प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हुआ है।

मौसम विज्ञान केंद्र ने 26 से 28 सितंबर तक बारिश की गतिविधियों को लेकर चेतावनी जारी की है। मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार मौजूदा मौसम प्रणालियों के कारण 26 और 27 सितंबर को पर्वतीय जिलों के कुछ हिस्सों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

दक्षिण ओडिशा और उससे सटे दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर बना अवदाब पिछले छह घंटे में 15 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ा है। इसके प्रभाव से उत्तराखंड में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है।

26 सितंबर को इन जिलों में रेड अलर्ट
बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंह नगर के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट है। वहीं देहरादून, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

27 सितंबर को भी कई जिलों में खतरा
27 सितंबर को देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी में भारी से बहुत भारी तथा कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट है।

नैनीताल, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का ऑरेंज अलर्ट है।

28 सितंबर को उत्तरकाशी, हरिद्वार और देहरादून में कुछ स्थानों पर भारी बारिश और गर्जन के साथ तेज बारिश का दौर आने की संभावना है।

भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा, यात्रा में सावधानी की अपील
मौसम विभाग ने संवेदनशील इलाकों में हल्के से मध्यम भूस्खलन और चट्टानें गिरने से सड़क व राजमार्ग बाधित होने की आशंका जताई है। बिजली और पानी जैसी सामुदायिक सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।

इसके अलावा नदियों का जलस्तर बढ़ने, नालों में अचानक बाढ़ आने और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा है। कच्चे मकानों, पुलों और निर्माणाधीन भवनों को भी नुकसान पहुंच सकता है। चारधाम यात्रा, पर्वतारोहण अभियान और हेली सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है।

प्रशासन ने तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को मौसम को देखते हुए सतर्क रहने और जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है। लोगों से नदी-नालों और उफनती धाराओं में जाने, तैरने या नौका विहार से बचने को कहा गया है। भारी बारिश के दौरान घर के भीतर रहने और सक्रिय भूस्खलन वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।

गंगोत्री-यमुनोत्री यात्रा अस्थायी रूप से रोकी
उत्तरकाशी जिले में रेड अलर्ट के मद्देनजर प्रशासन ने गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर हीना और डोबाटा होल्डिंग पॉइंट्स पर यात्रियों को आगे जाने से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि बदरीनाथ-केदारनाथ यात्रा सुचारू है।

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र और स्मार्ट कंट्रोल रूम को अलर्ट मोड पर रखा गया है। सभी तहसीलों से बारिश और भूस्खलन की सूचनाएं लगातार जुटाई जा रही हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की लाइव सीसीटीवी से भी निगरानी की जा रही है।

एनएच, बीआरओ, पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को मशीनरी और मैनपावर तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क बंद होने की स्थिति में उसे जल्द से जल्द खोलने को कहा गया है। सभी तहसीलों को भी अलर्ट पर रहने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल देने के निर्देश हैं।

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