Gen-Z के मुद्दे पर थरूर का BJP पर हमला, बोले- सत्ताधारी पार्टी को लगा बड़ा झटका
थरूर ने कहा कि जंतर-मंतर पर हुए ‘कॉकरोच पार्टी’ के प्रदर्शन, एक मंत्री के इस्तीफे और उसके बाद जल्दबाजी में पारित किए गए बिल के अलावा हालिया दो उपचुनावों के नतीजे भी सत्तारूढ़ दल के लिए चिंता का विषय हैं।
BJP की गढ़ मानी जाने वाली सीट हारने का किया जिक्र
शशि थरूर ने प्रशांत किशोर की जीत का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने BJP की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली सीट पर जीत दर्ज की है। उनके मुताबिक, इस सीट पर BJP तीन दशक से ज्यादा समय से जीतती आ रही थी और पार्टी ने यहां नौ बार जीत हासिल की थी, लेकिन अब उसे हार का सामना करना पड़ा।
उन्होंने मध्य प्रदेश की दतिया सीट का भी उल्लेख किया और कहा कि कांग्रेस इस सीट को बरकरार रखने में सफल रही है। थरूर ने कहा कि दोनों ही सीटें हिंदी भाषी राज्यों में आती हैं और इन नतीजों से आगे के चुनावों को लेकर उम्मीद नजर आती है।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग समय पर होने वाले चुनाव राजनीतिक दलों को अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका देते हैं। थरूर के मुताबिक, अगले मार्च में कुछ राज्यों में चुनाव होने हैं और कांग्रेस उन राज्यों में जीत हासिल करने की स्थिति में है।
मोहन भागवत ने Gen-Z को लेकर क्या कहा था?
मुंबई में Gen-Z और Gen-Alpha के साथ संवाद के दौरान RSS प्रमुख मोहन भागवत ने नई पीढ़ी को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि Gen-Z और Gen-Alpha पुरानी पीढ़ी की तुलना में भी अधिक देशभक्त और ईमानदार हैं और उनकी बात सुनी जानी चाहिए।
भागवत ने यह भी कहा कि नई पीढ़ी के साथ संवाद में कमी रही, जिसकी वजह से दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन जैसी स्थिति सामने आई। उन्होंने 20 जुलाई को दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के कुछ दिनों बाद कहा था कि आज की युवा पीढ़ी बहुत से सवाल पूछती है।
मोहन भागवत का यह संवाद ऐसे समय में हुआ है, जब युवा मुद्दों और Gen-Z की राजनीतिक भागीदारी को लेकर देश की राजनीति में चर्चा तेज है। इसी को लेकर शशि थरूर ने भी सत्ताधारी दल के लिए हालिया घटनाक्रमों को राजनीतिक चेतावनी के तौर पर पेश किया है।
