जयशंकर और भूटान के राजा की खास मुलाकात ताशिचो द्जोंग में जलाया आशीर्वाद का दीया 54 मेड इन इंडिया ईवी भी सौंपे
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कार्यक्रम की जानकारी साझा करते हुए बताया कि ताशिचो द्जोंग में राजा वांगचुक की उपस्थिति में आशीर्वाद का दीया जलाया गया। उनके अनुसार इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 साल की जनसेवा को सम्मान दिया गया। जयशंकर ने कहा कि इस दौरान ऐसे योगदान को याद किया गया जिसका प्रभाव दुनिया के अलग अलग हिस्सों में लोगों के जीवन पर पड़ा है।
इससे पहले विदेश मंत्री जयशंकर ने भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे के साथ मुलाकात की। बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच भारत और भूटान के संबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भूटानी प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत की ओर से भूटान की प्रगति और समृद्धि के प्रति प्रतिबद्धता भी दोहराई।
बैठक के बाद जयशंकर ने कहा कि भारत और भूटान के बीच दोस्ती और सहयोग के संबंध विशेष महत्व रखते हैं। दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग लंबे समय से जारी है और इसी क्रम में परिवहन तथा स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कार्यक्रम भी सामने आए हैं।
यात्रा के दौरान जयशंकर ने भूटान को 54 मेड इन इंडिया इलेक्ट्रिक वाहन भी सौंपे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत ई मोबिलिटी और सतत परिवहन की दिशा में भूटान की प्रगति का समर्थन कर रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों की यह सौगात दोनों देशों के बीच तकनीकी और परिवहन सहयोग से भी जुड़ी है। इससे भूटान में पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के प्रयासों को समर्थन मिलने की उम्मीद है।
भारत और भूटान के सहयोग का एक अन्य उदाहरण स्वास्थ्य क्षेत्र में भी देखने को मिला। इससे एक दिन पहले बुधवार को जयशंकर और भूटान के विदेश मंत्री ल्योनपो डी एन धुंग्येल ने मोंगर में 65 बेड वाले ग्याल्तसुएन जेत्सुन पेमा मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल का उद्घाटन किया।
जयशंकर ने कहा कि यह स्वास्थ्य सुविधा पूर्वी भूटान में गुणवत्तापूर्ण और विशेष मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को मजबूत करने में मदद करेगी। अस्पताल का उद्घाटन दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग को दर्शाता है।
थिम्पू में हुए कार्यक्रमों में धार्मिक परंपरा से जुड़े आयोजन से लेकर इलेक्ट्रिक वाहनों और स्वास्थ्य सुविधा तक कई पहल सामने आईं। इन गतिविधियों के जरिए भारत और भूटान के बीच सहयोग के अलग अलग आयाम दिखाई दिए। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों के साथ विकास और जनहित से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग भी लगातार चर्चा में रहा है।
