यूपी कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक बदलाव, आराधना मिश्रा मोना प्रदेश अध्यक्ष और इमरान मसूद कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त
आराधना मिश्रा मोना प्रतापगढ़ की रामपुर खास विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रह चुकी हैं और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। वह 2019 से उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता थीं। उनकी नियुक्ति के साथ करीब डेढ़ दशक बाद प्रदेश संगठन की कमान किसी महिला को सौंपी गई है। इससे पहले रीता बहुगुणा जोशी 2007 से 2012 तक उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष रही थीं। मोना की नियुक्ति का एक पहलू समाजवादी पार्टी के साथ कांग्रेस के संबंधों से भी जुड़ा है। दोनों दल 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर गठबंधन की राजनीति के रास्ते पर हैं, लेकिन सीट बंटवारे और राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर आगे बातचीत महत्वपूर्ण होगी।
इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी के संगठन पर भी जोर दिया गया है। सहारनपुर से सांसद मसूद कांग्रेस के प्रमुख मुस्लिम चेहरों में शामिल हैं। वहीं देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाए जाने से संगठन के शीर्ष स्तर पर ओबीसी और दलित प्रतिनिधित्व सामने आया है। राजेंद्र पाल गौतम को पहले ही उत्तर प्रदेश का प्रभारी महासचिव बनाया जा चुका है। इस तरह नई संगठनात्मक संरचना में अलग-अलग सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश दिखाई देती है। आराधना मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर ब्राह्मण और महिला नेतृत्व को आगे किया गया है, जबकि इमरान मसूद, देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद के जरिए अन्य सामाजिक समूहों को भी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, कांग्रेस के लिए ब्राह्मण समुदाय कभी पारंपरिक सामाजिक आधार का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। आराधना मिश्रा की नियुक्ति के साथ पार्टी ने इस वर्ग को संगठन के शीर्ष स्तर पर प्रतिनिधित्व दिया है। वहीं महिला नेतृत्व के जरिए आधी आबादी तक पहुंच बनाने की कोशिश भी दिखाई देती है। प्रमोद तिवारी का रामपुर खास क्षेत्र में लंबे समय से राजनीतिक आधार रहा है। वह इस सीट से नौ बार विधायक रह चुके हैं और आराधना मिश्रा भी इसी सीट से लगातार तीन चुनाव जीत चुकी हैं। विश्लेषकों के अनुसार, कांग्रेस की नई टीम को केवल संगठनात्मक बदलाव के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। पार्टी एक तरफ गठबंधन में अपनी भूमिका बनाए रखने और दूसरी तरफ अपना स्वतंत्र सामाजिक और राजनीतिक आधार तैयार करने की कोशिश कर रही है। दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे का अंतिम स्वरूप अभी तय होना बाकी है।
कांग्रेस प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने संगठनात्मक बदलाव का स्वागत करते हुए कहा कि आराधना मिश्रा अनुभवी नेता हैं और सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने कहा कि महिला होने के नाते वह आधी आबादी से जुड़े मुद्दों को बेहतर ढंग से समझती हैं और उनके नेतृत्व में प्रदेश संगठन को नई गति मिलेगी। अवस्थी के मुताबिक, नई टीम के साथ कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज करेगी और पार्टी प्रदेश में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ेगी। वहीं, संगठन के सामने सामाजिक प्रतिनिधित्व को जमीनी राजनीतिक समर्थन में बदलने, बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने और अलग-अलग सामाजिक समूहों के साथ पारंपरिक मतदाताओं को जोड़ने की चुनौती भी रहेगी।
