मेघालय में अचानक बदला सियासी गणित, UDP के 8 विधायक बीजेपी में शामिल, विधानसभा में अब इतनी हुई ताकत
बीजेपी में शामिल होने वाले आठ विधायकों का नेतृत्व खलीह्रियात से विधायक किर्मेन श्याला कर रहे थे। इन विधायकों के पार्टी बदलने की चर्चा पिछले कुछ दिनों से चल रही थी। इससे पहले UDP के पूर्व विधायक डॉ. जेमिनो मावथोह भी 12 सितंबर को बीजेपी में शामिल हो चुके हैं।
आठ विधायकों के बीजेपी में जाने के बाद विधानसभा के मौजूदा राजनीतिक समीकरण में बदलाव आया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, UDP के पास अब चार विधायक रह गए हैं, जबकि बीजेपी के सदस्यों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है।
बीजेपी में शामिल होने से पहले इन विधायकों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। बातचीत के दौरान मेघालय से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। इनमें कोयला खनन से संबंधित विषय और खासी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग प्रमुख रही।
विधायकों की ओर से मेघालय के कुछ अन्य स्थानीय मुद्दे भी केंद्रीय नेतृत्व के सामने रखे गए थे। खासी भाषा को संवैधानिक मान्यता देने की मांग राज्य में लंबे समय से उठती रही है। विधायकों ने इन मुद्दों पर आगे कार्रवाई को लेकर आश्वासन मिलने की बात कही थी।
नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा की मौजूदगी में आठों विधायकों के पार्टी में शामिल होने की औपचारिक घोषणा हुई। इस मौके पर रिजिजू ने सभी नए सदस्यों का स्वागत किया और इसे पूर्वोत्तर तथा देश की राजनीति से जुड़ा महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया।
रिजिजू ने कहा कि इन विधायकों ने पिछले 12 वर्षों के दौरान पूर्वोत्तर में हुए बदलाव और विकास कार्यों को देखा है। उनके अनुसार, केंद्र सरकार की नीतियों और पूर्वोत्तर के विकास को लेकर किए गए कामों से प्रभावित होकर इन विधायकों ने बीजेपी के साथ जुड़ने का फैसला किया है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर में हुए विकास कार्यों और क्षेत्र के लोगों के साथ संपर्क को भी इस बदलाव से जोड़कर बताया। बीजेपी का कहना है कि क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, विकास योजनाओं और केंद्र की नीतियों का असर राजनीतिक स्तर पर भी दिखाई दे रहा है।
आठ विधायकों के बीजेपी में शामिल होने का घटनाक्रम 2028 में होने वाले मेघालय विधानसभा चुनाव से पहले सामने आया है। इस बदलाव से राज्य विधानसभा में दलों की संख्या और राजनीतिक ताकत का समीकरण बदला है।
किर्मेन श्याला सहित इन विधायकों की बीजेपी में एंट्री के बाद पार्टी अब मेघालय विधानसभा में 10 सदस्यों के साथ पहले की तुलना में मजबूत स्थिति में है। वहीं UDP के 12 में से आठ विधायकों के अलग होने से क्षेत्रीय दल के सामने अपनी विधानसभा स्थिति को लेकर नई चुनौती खड़ी हुई है।
यह घटनाक्रम मेघालय की आगामी राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब राज्य में 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारी से जुड़े राजनीतिक समीकरण धीरे-धीरे आकार ले रहे हैं।
