दिल्ली में प्रदूषण का खतरनाक अटैक, अक्षरधाम और ITO में AQI 349, दिवाली से पहले बिगड़े हालात
दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने 1 नवंबर से नई पाबंदियां लागू की हैं। हालांकि इन प्रतिबंधों के पहले ही दिन राजधानी की हवा खराब श्रेणी में पहुंच गई थी। रविवार को प्रदूषण का स्तर इस सीजन में सबसे अधिक दर्ज किया गया। इससे पहले लगातार बारिश होने के कारण दिल्लीवासियों को दो दिनों तक प्रदूषण से राहत मिली थी लेकिन मौसम में बदलाव के साथ हवा की गुणवत्ता फिर बिगड़ने लगी। रविवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई एक दिन पहले के 117 से बढ़कर 261 पर पहुंच गया था। यानी महज एक दिन में प्रदूषण के स्तर में 144 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह 12 जुलाई के बाद दिल्ली का सबसे अधिक एक्यूआई था। इससे पहले 21 अक्टूबर को राजधानी का एयर इंडेक्स 245 दर्ज किया गया था।
सीपीसीबी के मुताबिक दिल्ली के 57 निगरानी केंद्रों में से 23 केंद्रों पर एक्यूआई 300 के पार पहुंच गया था। सोमवार सुबह भी कई प्रमुख इलाकों में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना रहा। अक्षरधाम और आईटीओ में एक्यूआई 349 दर्ज होना इस बात का संकेत है कि राजधानी में प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। वहीं इंडिया गेट और जनपथ के आसपास 335 का स्तर दर्ज किया गया। प्रदूषण के इस बढ़ते स्तर के बीच सीपीसीबी ने आशंका जताई है कि आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता और बिगड़ सकती है। मौसम और प्रदूषण की परिस्थितियां अनुकूल नहीं रहीं तो दिल्ली की हवा बेहद खराब स्थिति में पहुंच सकती है।
वायु गुणवत्ता सूचकांक को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। शून्य से 50 तक एक्यूआई को अच्छा माना जाता है। 51 से 100 तक संतोषजनक और 101 से 200 तक मध्यम श्रेणी होती है। वहीं 201 से 300 तक खराब और 301 से 400 तक बहुत खराब श्रेणी मानी जाती है। 401 से 500 के बीच एक्यूआई पहुंचने पर हवा गंभीर श्रेणी में आ जाती है। ऐसे में दिल्ली में दर्ज किया गया 349 का स्तर लोगों के लिए चिंता का विषय है। विशेष रूप से बच्चों बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
प्रदूषण के साथ ही दिल्ली में मौसम ने भी करवट ली है। नवंबर की शुरुआत हल्की धुंध और ठंड के साथ हुई। रविवार को राजधानी का न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 1.9 डिग्री कम था। वर्ष 2023 के बाद पहली नवंबर का यह सबसे कम न्यूनतम तापमान बताया गया है। वहीं अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से दो डिग्री कम था। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।
सुबह धुंध के कारण राजधानी के कई इलाकों में दृश्यता भी प्रभावित हुई। सफदरजंग में दृश्यता 1600 मीटर और आईजीआई एयरपोर्ट के नजदीक पालम में 1500 मीटर दर्ज की गई। मौसम में ठंडक और प्रदूषण के बढ़ते स्तर के बीच दिल्लीवासियों के लिए आने वाले दिन चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। दिवाली से पहले हवा की गुणवत्ता में सुधार करना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बन गया है।
