केतन हत्याकांड में अब परिवार की भूमिका पर उठे सवाल पिता बोले चार्जशीट पढ़ने के बाद ही बताऊंगा पूरी बात
मामला 18 जून की उस घटना से जुड़ा है जिसमें केतन अग्रवाल की लोहागढ़ किले से नीचे धकेले जाने के बाद मौत हो गई थी। पुलिस ने जांच के दौरान सिया गोयल चेतन चौधरी और रितेश हांगे को गिरफ्तार किया था। अब आरोपपत्र दाखिल होने के बाद केतन के परिवार की ओर से मामले में कई सवाल उठाए जा रहे हैं। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा है कि उन्हें सिया के परिवार के कुछ सदस्यों की कथित भूमिका पर भी संदेह है। उनके मुताबिक सिया के पिता मां भाई चाचा और चाची की भूमिका को लेकर उनके मन में सवाल हैं। हालांकि उन्होंने इन बातों को फिलहाल आरोपपत्र की जानकारी के आधार पर अंतिम रूप से नहीं कहा है।
विशाल अग्रवाल ने आरोपपत्र की प्रति हासिल करने के लिए अदालत का रुख किया है। उनका कहना है कि जब तक वह पांच हजार से अधिक पन्नों वाले इस दस्तावेज को पढ़ नहीं लेते तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। वह आरोपपत्र में पुलिस ने किन लोगों के खिलाफ क्या तथ्य और सबूत रखे हैं यह जानने के बाद ही आगे टिप्पणी करना चाहते हैं। उन्होंने मामले की जांच को सही दिशा में आगे बढ़ने की बात भी कही है लेकिन परिवार के अन्य सदस्यों की कथित भूमिका को लेकर उनका शक अभी बना हुआ है।
इस मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी की कथित गुप्त शादी की खबर को लेकर भी केतन के पिता ने सवाल उठाया है। उनका कहना है कि यदि दोनों की शादी पहले ही हो चुकी थी तो फिर सिया के परिवार की ओर से उनके बेटे के साथ उसकी शादी कराने की कोशिश क्यों की गई। इसी सवाल के आधार पर वह मामले की परिस्थितियों को लेकर और जानकारी सामने आने की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि कथित गुप्त शादी से जुड़े दावे और परिवार के सदस्यों की कथित भूमिका को लेकर अंतिम स्थिति आरोपपत्र और न्यायिक प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगी।
केतन के पिता ने इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में कराने की मांग रखी थी। उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को इस मामले में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने की मांग भी की है। उनका कहना है कि इन मांगों पर उन्हें अभी तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है और वह सरकार से जरूरी अधिसूचना जारी करने का अनुरोध दोहरा रहे हैं।
विशाल अग्रवाल ने अपने बेटे की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को मौत की सजा दिए जाने की मांग भी दोहराई है। फिलहाल मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल हो चुका है और आगे की न्यायिक प्रक्रिया में आरोपपत्र में दर्ज तथ्यों और सबूतों की जांच होगी। ऐसे में सिया के परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका को लेकर लगाए गए संदेह की वास्तविक स्थिति भी अदालत में सामने आने वाले तथ्यों से ही स्पष्ट होगी।
