September 17, 2026

सेमीकंडक्टर उद्योग में भारत की तेज बढ़त, वैश्विक चुनौतियों के बीच पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत विकास दर

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नई दिल्ली ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सेमीकॉन इंडिया 2026 के उद्घाटन के बाद कहा कि भारत का सेमीकंडक्टर उद्योग तेजी से आगे बढ़ रहा है और देश में तैयार होने वाली चिप्स आने वाले समय में दुनिया के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचेंगी। उन्होंने वैश्विक स्तर पर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत विकास दर और तकनीकी क्षेत्र में हो रही प्रगति का भी उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत ने 7.8 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की है। उनके अनुसार, वैश्विक माहौल चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद यह वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है। उन्होंने पिछले कुछ समय में देश में हुए कई महत्वपूर्ण आयोजनों और विकास से जुड़ी गतिविधियों का भी उल्लेख किया।

इस दौरान उन्होंने मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट का जिक्र किया। यहां एजेंटिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टोकनाइजेशन और क्वांटम टेक्नोलॉजी के जरिए वित्तीय सेवाओं को अधिक व्यापक स्तर तक पहुंचाने पर चर्चा हुई थी। प्रधानमंत्री ने इन तकनीकी क्षेत्रों को देश के डिजिटल और वित्तीय ढांचे से जोड़ते हुए भारत में हो रहे बदलावों का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने देश में करीब 3,000 किलोमीटर लंबे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के चालू होने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि इन कॉरिडोर से देशभर में माल की आवाजाही तेज होगी, लॉजिस्टिक्स व्यवस्था बेहतर होगी और विनिर्माण क्षेत्र को गति मिलेगी। इससे उत्पादन और आपूर्ति से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई।

सेमीकंडक्टर क्षेत्र को लेकर प्रधानमंत्री ने भारत की बढ़ती क्षमता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की चिप इंडस्ट्री तेजी से आगे बढ़ रही है और भारत में तैयार होने वाली चिप्स दुनिया भर में जाएंगी। सेमीकॉन इंडिया 2026 का आयोजन इसी व्यापक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को विकसित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने भारत की सॉवरेन रेटिंग में सुधार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रेटिंग में सुधार भारतीय अर्थव्यवस्था में बढ़ते वैश्विक भरोसे का संकेत है। भारत की मेजबानी में हाल ही में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए उन्होंने आम सहमति से नई दिल्ली घोषणापत्र अपनाए जाने को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के प्रति भरोसे का एक संकेत बताया।

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सेमीकॉन 2.0 के तहत भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को विकसित करने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसके छह प्रमुख स्तंभों में चिप डिजाइन, मशीन और मटेरियल, फैब्स, एडवांस्ड पैकेजिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और टैलेंट शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि सेमीकंडक्टर कार्यक्रम के पहले चरण में 105 से अधिक स्टार्टअप्स ने हिस्सा लिया। इनमें करीब 20 स्टार्टअप्स ने लगभग 800 करोड़ रुपये की वेंचर कैपिटल फंडिंग हासिल की। सेमीकॉन 2.0 के तहत कम से कम 200 चिप डिजाइन स्टार्टअप और कंपनियों को सहायता देने का लक्ष्य रखा गया है।

अश्विनी वैष्णव के अनुसार, भारत ने 10 वर्षों में 85,000 डिजाइन इंजीनियर तैयार करने का शुरुआती लक्ष्य रखा था, लेकिन चार वर्षों में ही 70,000 इंजीनियर तैयार किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि देशभर की 400 से अधिक यूनिवर्सिटीज में इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन टूल्स उपलब्ध हैं। सेमीकॉन इंडिया 2026 के जरिए भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में डिजाइन, निर्माण, पैकेजिंग, शोध और प्रतिभा विकास से जुड़े प्रयासों को एक व्यापक ढांचे में आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

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