October 28, 2026

दीपावली से पहले खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रेन से उतारते ही पकड़ा 700 किलो नकली पनीर, सप्लाई नेटवर्क की जांच शुरू

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नई दिल्ली। दीपावली से पहले मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 700 किलो से अधिक एनालॉग पनीर जब्त किया है। यह खेप ट्रेन के जरिए मुरैना से भोपाल लाई गई थी। अधिकारियों ने रेलवे स्टेशन के बाहर माल उतारे जाने के दौरान इसे अपने कब्जे में ले लिया। जब्त किए गए पनीर की कीमत करीब 2.5 लाख रुपये बताई गई है। अब विभागीय टीम यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में पनीर किसके लिए मंगाया गया था और इसे किन दुकानों होटलों या रेस्टोरेंट तक पहुंचाया जाना था।

जानकारी के मुताबिक खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मंगलवार देर रात करीब दो बजे कार्रवाई की। रेलवे स्टेशन पर पनीर के बड़े पैकेट पहुंचने के बाद टीम ने जांच शुरू की और माल को जब्त कर लिया। विभाग ने बिल्टी और बिल से संबंधित जानकारी के आधार पर प्रकरण दर्ज करते हुए आगे की कार्रवाई शुरू की। बुधवार सुबह तक इस मामले में जांच जारी थी। मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद इसे लेकर सामने आई यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सप्लाई कहां होनी थी इसकी जांच जारी

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम अब खेप के पूरे सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का पता लगाने पर जोर है कि पनीर मुरैना से किस व्यक्ति या कारोबारी ने भेजा था। भोपाल में इसे किसने मंगाया था और इसे किन प्रतिष्ठानों तक पहुंचाया जाना था। जांच में यदि किसी होटल रेस्टोरेंट डेयरी या अन्य कारोबारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल जब्त माल के गंतव्य और उससे जुड़े लोगों के बारे में जांच की जा रही है।

क्या होता है एनालॉग पनीर

एनालॉग पनीर को आम तौर पर पारंपरिक दूध से बने पनीर के विकल्प के रूप में तैयार किया जाता है। इसे बनाने में दूध की जगह या दूध के साथ वनस्पति वसा स्टार्च और अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी लागत अपेक्षाकृत कम होने के कारण कुछ बाजारों में इसकी मांग बनी रहती है। हालांकि इसकी सामग्री और पोषण संबंधी विशेषताएं असली दूध से बने पनीर से अलग हो सकती हैं। उपभोक्ताओं के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि वे जो उत्पाद खरीद रहे हैं उसकी सही पहचान और सामग्री की जानकारी उन्हें मिले।

प्रदेश में प्रतिबंध के बाद भी सामने आया मामला

करीब तीन महीने पहले मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाया था। इस मुद्दे पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी चिंता जताई थी और मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित राज्यों से संपर्क करने का फैसला किया था। इसके बावजूद भोपाल में बड़ी मात्रा में एनालॉग पनीर की खेप पहुंचने का मामला सामने आया है। इससे प्रतिबंध के पालन और खाद्य उत्पादों की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

त्योहारों के दौरान दूध और उससे बने उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनकी सही पहचान सुनिश्चित करना जरूरी हो जाता है। खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद अब जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि जब्त पनीर कहां खपाया जाना था और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे। जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई और जिम्मेदार लोगों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

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