इंदौर एयरपोर्ट की रेटिंग में बढ़ोतरी लेकिन रैंकिंग में झटका, पिछली तिमाही में था 80वां स्थान, अब 79वें नंबर पर
यात्री सुविधाओं के आकलन में इंदौर एयरपोर्ट की रेटिंग देश के चुनिंदा 16 एयरपोर्ट की औसत रेटिंग के बराबर रही। तीसरी तिमाही में इन एयरपोर्ट की औसत रेटिंग भी 4.90 अंक दर्ज की गई। इससे स्पष्ट है कि इंदौर एयरपोर्ट का प्रदर्शन औसत के अनुरूप रहा है। हालांकि दूसरे एयरपोर्ट की रेटिंग में हुए बदलाव के कारण इंदौर को रैंकिंग में बड़ी छलांग लगाने का मौका नहीं मिला। रेटिंग और रैंकिंग के बीच का यह अंतर बताता है कि किसी एयरपोर्ट के अंक बढ़ने के बावजूद दूसरे एयरपोर्ट के प्रदर्शन में ज्यादा सुधार होने पर उसकी रैंकिंग प्रभावित हो सकती है।
तीसरी तिमाही की सूची में पुणे एयरपोर्ट ने 4.98 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया। चेन्नई और पटना एयरपोर्ट 4.94-4.94 अंकों के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। कालीकट और वाराणसी एयरपोर्ट की रेटिंग 4.93 अंक रही। इस सूची में पुणे का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा जबकि चेन्नई और पटना ने भी ऊंची रेटिंग हासिल की। इन एयरपोर्ट की रेटिंग से पता चलता है कि यात्री सुविधाओं के मामले में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है।
चेन्नई एयरपोर्ट की रेटिंग में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। दूसरी तिमाही में उसे 4.85 अंक मिले थे जो तीसरी तिमाही में बढ़कर 4.94 हो गए। इसके साथ ही उसकी रैंकिंग 87वें स्थान से सुधरकर 66वें स्थान पर पहुंच गई। इसी तरह कालीकट एयरपोर्ट की रेटिंग 4.82 से बढ़कर 4.93 हो गई और उसकी रैंकिंग 90वें स्थान से सुधरकर 69वें स्थान पर पहुंच गई। दूसरी ओर रायपुर एयरपोर्ट की रेटिंग में गिरावट दर्ज की गई। उसकी रेटिंग 4.93 से घटकर 4.90 रह गई और रैंकिंग 66वें स्थान से फिसलकर 78वें स्थान पर आ गई।
रिपोर्ट के अनुसार दुनिया की औसत एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी रेटिंग भी इस अवधि में कम हुई है। दूसरी तिमाही में विश्व औसत 4.38 अंक था जो तीसरी तिमाही में घटकर 4.36 अंक रह गया। इसके मुकाबले इंदौर एयरपोर्ट की 4.90 अंक की रेटिंग काफी बेहतर है। देश के चुनिंदा एयरपोर्ट की औसत रेटिंग भी 4.88 से बढ़कर 4.90 अंक हो गई है।
इंदौर एयरपोर्ट के लिए एक सकारात्मक पहलू यह भी है कि उसकी रेटिंग समझौता ज्ञापन में निर्धारित लक्ष्य से अधिक रही। रिपोर्ट के अनुसार उत्कृष्ट रेटिंग का लक्ष्य पांच में से 4.68 अंक तय किया गया है जबकि इंदौर को 4.90 अंक मिले हैं। इस तरह एयरपोर्ट ने निर्धारित लक्ष्य से 0.22 अंक अधिक हासिल किए हैं। रेटिंग में सुधार के बावजूद रैंकिंग में बड़ी बढ़त नहीं मिलने से यात्री सुविधाओं को लगातार बेहतर बनाने की जरूरत सामने आती है। आने वाली तिमाहियों में इंदौर एयरपोर्ट का प्रदर्शन किस दिशा में जाता है इस पर यात्रियों और विमानन क्षेत्र की नजर रहेगी।
