भोपाल में एक्टिवा-जूपिटर से शराब की अवैध सप्लाई, आबकारी विभाग की घेराबंदी में दो पकड़े, होटल-ढाबों पर भी छापे
आबकारी कंट्रोलर वर्षा उइके के मुताबिक सहायक जिला आबकारी अधिकारी अर्चना जैन और उनकी टीम ने घोड़ा नक्काश निवासी चंचल साहू को एक्टिवा से अवैध रूप से शराब का परिवहन करते पकड़ा। कार्रवाई के बाद जब उसके घर की तलाशी ली गई तो वहां से विदेशी शराब की 15 बोतलें भी मिलीं। विभाग ने शराब जब्त कर मामले में नियमानुसार कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों की जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि बरामद शराब कहां से लाई गई थी और इसकी सप्लाई किन लोगों तक की जानी थी।
पीएंडटी चौराहे के पास जूपिटर से शराब ले जाते पकड़ा
इसी अभियान के दौरान सहायक जिला आबकारी अधिकारी शरद मिश्रा और उनकी टीम ने पीएंडटी चौराहे के पास एक अन्य व्यक्ति को जूपिटर स्कूटर से अवैध शराब की सप्लाई करते पकड़ा। उसके खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। विभाग ने शराब के अवैध परिवहन को गंभीरता से लेते हुए आगे की वैधानिक कार्रवाई की। अधिकारियों का मानना है कि दोपहिया वाहनों के जरिए शराब की छोटी खेप एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाई जा सकती है। ऐसे मामलों को रोकने के लिए रात के समय निगरानी और जांच अभियान चलाया जा रहा है।
होटल रेस्टोरेंट और ढाबों पर भी जांच
दोपहिया वाहनों से शराब की सप्लाई के मामलों के अलावा आबकारी विभाग ने शहर के होटल रेस्टोरेंट और ढाबों पर भी सर्चिंग की। सहायक जिला आबकारी अधिकारी प्रीति उइके की टीम ने बैरागढ़ क्षेत्र में कार्रवाई की जबकि उप निरीक्षक स्वाति बघेल की टीम ने करोंद क्षेत्र में संचालित प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान शराब के अवैध सेवन और संबंधित नियमों के उल्लंघन को लेकर 10 से अधिक प्रकरण बनाए गए। विभाग की टीमों ने प्रतिष्ठानों में शराब परोसने और उसके सेवन से जुड़े नियमों की जांच की।
त्योहार से पहले बढ़ाई निगरानी
सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ ने बताया कि विभाग की टीमें रोजाना शहर के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई कर रही हैं। त्योहारों के दौरान शराब की मांग बढ़ने की आशंका को देखते हुए अवैध कारोबार पर निगरानी रखी जा रही है। रात में चलने वाले होटल ढाबों और रेस्टोरेंट पर भी जांच की जा रही है ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
भोपाल में हुई इस कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग ने साफ किया है कि अवैध शराब के परिवहन और नियमों के विपरीत शराब पिलाने के मामलों में सख्ती जारी रहेगी। विभाग की जांच में आगे यदि अन्य लोगों या प्रतिष्ठानों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
