भोपाल में प्रशासनिक फेरबदल, पीसी पांडे कलेक्टर कार्यालय में अटैच, दीपक पांडे को कोलार का अतिरिक्त प्रभार

कलेक्टर कार्यालय की ओर से जारी आदेश में प्रशासनिक कार्यों और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की गई है। आदेश पर जिला कलेक्टर के हस्ताक्षर हैं और इसमें दोनों अधिकारियों की नई जिम्मेदारियों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। इसके तहत पीसी पांडे को कोलार में एसडीएम एवं दंडाधिकारी के दायित्व से हटाकर कलेक्टर कार्यालय में कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया है। दूसरी ओर दीपक पांडे टीटी नगर में अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों का निर्वहन करते रहेंगे और इसके साथ ही कोलार क्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे।
प्रशासनिक व्यवस्था में इस बदलाव के बाद कोलार क्षेत्र में राजस्व संबंधी कामकाज की जिम्मेदारी दीपक पांडे के पास आ जाएगी। उन्हें अपने वर्तमान कार्यों के साथ अतिरिक्त प्रभार की जिम्मेदारी भी निभानी होगी। ऐसे में क्षेत्र में राजस्व मामलों के निपटारे और प्रशासनिक गतिविधियों के संचालन को लेकर उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। हालांकि आदेश में इस बदलाव के पीछे किसी विशेष प्रकरण या शिकायत का उल्लेख नहीं किया गया है। आदेश में प्रशासनिक कार्य सुविधा को ही बदलाव का आधार बताया गया है।
पीसी पांडे को कलेक्टर कार्यालय में कार्य करने के लिए निर्देशित किए जाने के बाद उनकी नई जिम्मेदारियों को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्था की जाएगी। कलेक्टर कार्यालय में अधिकारियों की तैनाती का उद्देश्य विभिन्न विभागीय कार्यों के समन्वय और प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार जिम्मेदारियों का निर्धारण करना होता है। इस आदेश के जरिए जिला प्रशासन ने अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव करते हुए नई व्यवस्था लागू की है।
आदेश की प्रतिलिपि मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव सहित भोपाल संभाग के आयुक्त और संबंधित राजस्व अधिकारियों को आवश्यक सूचना और कार्रवाई के लिए भेजी गई है। इसके अलावा जिला कोषालय अधिकारी को वेतन संबंधी प्रक्रिया के लिए जानकारी दी गई है। संबंधित अधिकारियों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
भोपाल जिला प्रशासन में समय-समय पर प्रशासनिक जरूरतों के मुताबिक अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया जाता है। इस बार किए गए फेरबदल में कोलार और टीटी नगर से जुड़े राजस्व प्रशासन की जिम्मेदारियां प्रभावित हुई हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होने के कारण नई व्यवस्था के तहत संबंधित अधिकारियों को अपने दायित्व संभालने होंगे। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अतिरिक्त प्रभार के साथ कोलार क्षेत्र में राजस्व संबंधी कार्यों का संचालन किस तरह आगे बढ़ता है।
