Uttarakhand: धामी सरकार का सख्त एक्शन…तीन साल में दर्जनों अफसरों पर हुई कार्रवाई, कई गए जेल

भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्य करते हुए धामी सरकार ने बीते तीन साल में दर्जनों अफसरों पर कार्रवाई की। कई निलंबित हुए तो कई को सलाखों के पीछे भेजा गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का हर मामले में सख्त एक्शन देखने को मिला। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार पर सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति कायम रहेगी।
अफसर जिन पर हुई कार्रवाई
IAS रामविलास यादव : आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में निलंबित किया गया। उनके खिलाफ आय का स्रोत स्पष्ट न होने पर जांच एजेंसियों ने जांच शुरू की है।
IFS किशन चंद : वन विभाग से जुड़े इस वरिष्ठ अधिकारी पर पद के दुरुपयोग और आय से अधिक संपत्ति के आरोप लगे हैं। उनके विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।
हमारी सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध पूरी दृढ़ता और पारदर्शिता के साथ लगातार कार्रवाई कर रही है। हमारा स्पष्ट संदेश है कि कोई व्यक्ति चाहे जितना भी प्रभावशाली या ऊँचे पद पर क्यों न हो, यदि वह भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता है तो उसके ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कार्रवाई की जाएगी। pic.twitter.com/d3GFaA5TOX
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) June 3, 2025
हरमिंदर सिंह बवेजा (उद्यान निदेशक): बागवानी विभाग में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के कारण निलंबित किए गए।
अमित जैन (वित्त नियंत्रक, आयुर्वेद विवि): भ्रष्टाचार संबंधी आदेशों की अनदेखी और वित्तीय नियमों की अवहेलना पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।
भूपेंद्र कुमार (उपमहाप्रबंधक वित्त, परिवहन निगम): रिश्वत लेने और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों में निलंबन। विजिलेंस में विस्तृत जांच चल रही है।
भ्रष्टाचार पर प्रहार हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ हम एक जवाबदेह शासन की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। pic.twitter.com/8YZAW6MP2F
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) June 3, 2025
महिपाल सिंह (लेखपाल): रिश्वत मांगने के मामले में रंगे हाथ पकड़े गए। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है।
रामदत्त मिश्र (उप निबंधक, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग): स्टांप शुल्क व भूमि पंजीकरण में अनियमितताओं के कारण निलंबित।
