कॉर्बेट की ढेला चौकी पर हंगामा: युवक पेट्रोल लेकर चौकी पर चढ़ा, जांच शुरू
-
फॉरेस्ट गार्ड पर पिटाई का आरोप
रामनगर। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की ढेला रेंज में ग्रामीणों के साथ कथित मारपीट का मामला गरमा गया है। सोमवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने ढेला वन चौकी का घेराव किया। इस दौरान पीड़ित शिव गिरी के भतीजे चंदन गिरी ने हाथ में पेट्रोल लेकर वन चौकी की छत पर चढ़कर आत्मदाह की धमकी देने लगा।
इस संबंध में सूचना मिलने पर पुलिस, पार्क वार्डन बिंदर पाल और रेंज अधिकारी नवीन पांडे मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने काफी देर तक समझा-बुझाकर युवक को सुरक्षित नीचे उतारा। ग्रामीणों का आरोप है कि रविवार को शिव गिरी और एक अन्य ग्रामीण जलाऊ लकड़ी लेने जंगल गए थे, जहां फॉरेस्ट गार्ड अवनीश कुमार तथा दो वाचर्स अशोक रावत और पूरन सिंह बिष्ट ने उन्हें पकड़ लिया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जुर्माना वसूलने के बाद भी शिव गिरी की बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे उनकी पीठ पर गंभीर चोटों के निशान आए हैं। पीड़ित का अस्पताल में मेडिकल भी कराया गया है। प्रदर्शनकारियों ने आरोपित फॉरेस्ट गार्ड और दोनों वाचर्स को तत्काल निलंबित कर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
विरोध प्रदर्शन में क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ ब्लॉक प्रमुख मंजू नेगी सहित कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने एक महिला फॉरेस्ट गार्ड शिवानी पर भी मौके पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया। पीड़ित के भतीजे चंदन गिरी ने कहा कि यदि उनके चाचा पर वन अधिनियम के तहत कोई कार्रवाई बनती थी, तो नियमानुसार विभागीय प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी, लेकिन उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद वन विभाग का कोई अधिकारी पीड़ित का हालचाल जानने नहीं पहुंचा, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
वहीं, मौके पर पहुंचे पार्क वॉर्डन बिंदर पाल सिंह ने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार, एक फॉरेस्ट गार्ड ने जंगल से यूकेलिप्टस के पेड़ काटने के आरोप में ग्रामीण को पकड़ा था। उन्होंने आश्वासन दिया कि मारपीट के आरोपों के सामने आने के बाद मामले की विभागीय जांच बैठा दी गई है और जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उधर ग्रामीणों ने मामले की तहरीर पुलिस को भी सौंप दी है। पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। अब सभी की नजर विभागीय जांच और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
