UTTARAKHAND samachar: पहले लिस्ट से नाम काटने तो अब नाम जोड़ने की निगरानी करेगी कांग्रेस
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75 हजार मतदाताओं पर रहेगा फोकस
उत्तराखंड में करीब 13 लाख मतदाता वोटर लिस्ट से हटाए जा चुके हैं लेकिन, फिलहाल कांग्रेस का फोकस 75 हजार मतदाताओं पर है। ये वे मतदाता हैं जिन्हें आयोग फिर से जांच कर वापसी का मौका देने जा रहा है। SIR पूरा होने से पहले जो कांग्रेस, वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने के लिए परेशान थी, वो अब नाम जोड़े जाने की निगरानी करेगी।
कांग्रेस की निगरानी: फोकस: कांग्रेस ने 75 हजार मतदाताओं पर किया
उत्तराखंड में SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से बाहर हुए लोगों को एक बार फिर सूची में शामिल होने का मौका देने की तैयारी है। निर्वाचन आयोग ऐसे मतदाताओं के लिए करीब एक महीने का विशेष अभियान चलाने जा रहा है। इस अभियान के जरिए उन लोगों को अपनी पात्रता साबित करने और जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा, जो किसी वजह से SIR की प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए।
विशेष बात ये है कि निर्वाचन आयोग एक तरफ इस अभियान की तैयारी कर रहा है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने भी इस पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखने की बात कही है। कांग्रेस की नजर खास तौर पर उन करीब 75 हजार मतदाताओं पर है, जिन्हें दोबारा मतदाता सूची में शामिल होने का मौका दिया जाना है।
कांग्रेस: निर्वाचन आयोग पर लगातार सवाल उठाती रही है
दरअसल SIR की प्रक्रिया शुरू होने के बाद से ही कांग्रेस मतदाता सूची से नाम काटे जाने को लेकर निर्वाचन आयोग के सामने लगातार सवाल उठाती रही है। पार्टी के प्रतिनिधियों ने अलग-अलग स्तर पर आपत्तियां भी दर्ज कराई हैं। कांग्रेस का आरोप रहा था कि प्रक्रिया के दौरान कई ऐसे मतदाताओं के नाम भी सूची से बाहर हो सकते हैं, जो वास्तव में मतदान के लिए पात्र हैं।
इस पूरे मामले को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का कहना है कि हमने पूरी एसआईआर प्रक्रिया पर नजर रखी है। अब पार्टी का विशेष फोकस उन करीब 75 हजार मतदाताओं पर रहेगा, जिन्हें निर्वाचन आयोग दोबारा सूची में शामिल होने का अवसर देने जा रहा है।
संदेश: कांग्रेस का कार्यकर्ताओं को
इस बार कांग्रेस को संदेह है कि कहीं आयोग सरकार के इशारे पर अपात्र लोगों को मतदाता सूची में शामिल न कर ले। इसीलिए पार्टी अब अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं के जरिए इस पूरी प्रक्रिया पर भी नजर रखने की बात कह रही है।
कांग्रेस को नाम हटाने पर आपत्ति नहीं
SIR के दौरान उत्तराखंड में करीब 13 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। यूं तो कांग्रेस इन सभी नामों को हटाए जाने पर आपत्ति नहीं जता रही है। पार्टी का कहना है कि इनमें बड़ी संख्या ऐसे मतदाताओं की भी हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर मतदाता सूची में दर्ज थे। ऐसे मामलों में नाम हटाए जाने को लेकर कांग्रेस को कोई विशेष आपत्ति नहीं है।
इन्हें दोबारा मौका मिल रहा
इसके अलावा ऐसे मतदाता भी प्रक्रिया में सामने आए हैं, जो जांच के दौरान अनुपस्थित पाए गए। कुछ मतदाता ऐसे भी हैं, जो SIR की प्रक्रिया के दौरान निर्धारित दस्तावेज निर्वाचन आयोग के सामने प्रस्तुत नहीं कर पाए। अब ऐसे लोगों को अपनी स्थिति स्पष्ट करने और मतदाता सूची में दोबारा नाम शामिल कराने का अवसर दिया जाएगा।
