October 25, 2026

‘एक युद्ध नशे के विरुद्ध’ पदयात्रा का भव्य समापन: उमड़ा जनसैलाब

0
ek yudh nasha virudhha- 25oct
  • लोगों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प

हल्द्वानी। युवाओं को नशे के दलदल से बाहर निकालने और समाज को एक नई दिशा देने के उद्देश्य से कालाढूंगी मेें निकाली गई चार दिवसीय जन-जागरूकता पदयात्रा ‘एक युद्ध नशे के विरुद्ध’ का रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को भव्य समापन हो गया। पदयात्रा के चौथे और अंतिम दिन कमलवागांजा स्थित रघुनाथ बैंकेट हॉल में एक विशाल समापन समारोह का आयोजन किया गया। इसमें सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग, युवा और प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे।

यह पदयात्रा बजुनियाहल्दू , कालाढूंगी से 22 अक्टूबर 2026 को आरंभ हुई थी। अपने चार दिवसीय सफर के दौरान इस अभियान ने विभिन्न गांवों और क्षेत्रों का भ्रमण किया, जहां घर-घर जाकर संवाद स्थापित किया गया और युवाओं को नशे के घातक परिणामों के प्रति जागरूक किया गया। इसमें क्षेत्र की आम जनता, महिलाओं और युवाओं का अभूतपूर्व समर्थन मिला।
रविवार को दोपहर करीब 2 बजे रघुनाथ बैंकेट हॉल में समापन कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के दौरान हॉल पूरी तरह खचाखच भरा हुआ था और यहां सैकड़ों लोगों की मौजूदगी ने इस अभियान की सफलता पर मुहर लगा दी।

कार्यक्रम में विशेष रूप से व्यास कपिलदेव जी, पूजा बिष्ट, और लंबे समय से नशे के खिलाफ जमीनी स्तर पर कार्य कर रहीं मनोविज्ञान (साइकोलॉजी) विशेषज्ञ कोमल शर्मा, ‘साई कृपा ट्रस्ट’ के निर्देशक दुष्यंत जी सहित अनेक क्षेत्र के जानेमाने लोग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने समाज में तेजी से फैल रही नशे की प्रवृत्ति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। इन सभी ने अपने अनुभव भी यहां साझा किए। सभी वक्ताओं ने आयोजन गुंजन तिवारी की तरीफ करने के साथ ही हमेशा उनके साथ हर परिस्थिति में खड़े रहने की बात कही। ‘साई कृपा ट्रस्ट’ के बैनर तले निर्देशक दुष्यंत ने गुंजन तिवारी की तारीफ करते हुए कहा कि ऐसा जुझारु युवक मैंने पहली बार देखा है जो बिना किसी की आर्थिक सहायता के स्वयं से क्षेत्र की बुराइयों को दूर करना चाहता है।

‘एक युद्ध नशे पर’ नाटक और अनुभव साझा करने का सत्र
इस दौरान यहां नुक्कड़ नाटक भी उन लोगों द्वारा पेश किया गया जो पहले नशे की गिरफ्त में रह चुके हैं। इस भावुक और मार्मिक नाटक ने दर्शकों को झकझोर कर रख दिया।
इसके साथ ही, एक विशेष सत्र में उन लोगों ने मंच पर अपने जीवन के कड़वे अनुभव साझा किए जो कभी नशे की गिरफ्त में फंस चुके थे। उन्होंने बताया कि कैसे वे इस बुरी लत का शिकार हुए, उन्हें किन शारीरिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ा और अंततः उन्होंने इससे कैसे निजात पाई। इन सच्ची कहानियों ने सभागार में मौजूद हर व्यक्ति को गहराई से प्रभावित किया।

यहां विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे और युवाओं के बीच ‘आइकॉन’ (प्रेरणास्रोत) के रूप में उभरे करीब 15 विशिष्ट लोगों को गुंजन तिवारी की ओर से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन शख्सियतों को दिया गया जो समाज में सकारात्मक बदलाव की मिसाल पेश कर रहे हैं।

कार्यक्रम के अंत में एक बेहद प्रेरणादायक पल आया, जब हॉल में मौजूद सेवायल चलाने वाले दीपक ने अपनी मर्जी से हाथ उठाकर मंच से आजीवन नशे से दूर रहने का कड़ा प्रण लिया।
पदयात्रा के आयोजक गुंजन तिवारी ने बताया कि इस यात्रा को जानबूझकर गैरराजनीतिक रखा गया कारण यह था कि यदि कोई भी व्यक्ति किसी पार्टी को समर्थन करता है और अगर इस यात्रा में किसी दूसरी पार्टी के लोग होते तो उसे स्थिति में व्यक्ति को हमसे मिलने में थोड़ी असहजता महसूस होती। उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्यक्रम आगे भी भविष्य में भी जारी रहेगा जब तक क्षेत्र से नशा पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता।

यह चार दिवसीय पदयात्रा सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि कालाढूंगी और आसपास के क्षेत्र में एक जन-आंदोलन बन चुकी है, जिसने समाज को यह संदेश दे दिया है कि यदि सामूहिक इच्छाशक्ति हो, तो नशे जैसी सामाजिक बीमारी को जड़ से उखाड़ फेंका जा सकता है।

पदयात्रा के आयोजक गुंजन तिवारी ने बताया कि इस यात्रा को जानबूझकर गैरराजनीतिक रखा गया कारण यह था कि यदि कोई भी व्यक्ति किसी पार्टी को समर्थन करता है और अगर इस यात्रा में किसी दूसरी पार्टी के लोग होते तो उसे स्थिति में व्यक्ति को हमसे मिलने में थोड़ी असहजता महसूस होती। उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्यक्रम आगे भी भविष्य में भी जारी रहेगा जब तक क्षेत्र से नशा पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *