Holi 2025: उत्तराखंड में मिलावटी उत्पाद बेचे तो खैर नहीं…
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चलेगा छापा मार अभियान, बॉर्डर पर बढ़ाई चौकसी
उत्तराखंड सरकार ने त्योहारी सीजन को देखते हुए मिलावटखोरों के खिलाफ प्रदेशभर में व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन के आयुक्त और स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देश पर प्रशासन ने मिलावटखोरों से निपटने के लिए छापेमार दस्तों और सचल वाहन टीमों का गठन किया है। स्वास्थ्य सचिव के मुताबिक विभाग की प्राथमिकता आम लोगों को गुणवत्तापूर्ण और मिलावट रहित उत्पाद उपलब्ध कराना है।
विभाग के अपर आयुक्त एवं ड्रग कंट्रोलर ताजबर जग्गी ने बताया कि गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में छापा मार अभियान लगातार जारी है। विभाग ने सतर्कता प्रकोष्ठ का गठन किया है। यहां शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाती है और साथ ही सर्विलांस के माध्यम से भी माॅनीटरिंग की जा रही है।
हर जिले में नोडल अधिकारी बनाए गए हैं जो फूड इंस्पेक्टर के माध्यम से विभिन्न प्रतिष्ठानों में छापा मारकर नमूने ले रहे हैं। सचल वाहनों में भी नमूने लेने की व्यवस्था की गई है। देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में मावा, पनीर, खोया आदि की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया प्रदेश की सीमा से लगे यूपी के शहरों के ड्रग कंट्रोलर और फूड इंस्पेक्टर्स के साथ कोऑर्डिनेट कर संयुक्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कड़ी जांच: हरिद्वार, देहरादून और ऊधमसिंह नगर में हो रही
उन्होंने कहा कि देहरादून में आशारोड़ी पर बाहर से आने वाले दूध और उससे बने उत्पादों की जांच की जा रही है। सबसे अधिक शिकायतें ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार से हैं। यहां सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है और उत्पादों के नमूने लिए जा रहे हैं।