August 18, 2026

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को तेज गिरावट, सेंसेक्स 493 अंक टूटा और निफ्टी 24155 के करीब बंद हुआ

0
32-1787055551
नई दिल्ली ।भारतीय शेयर बाजार मंगलवार के कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 492.70 अंक यानी 0.63 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 77,235.46 के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी 132.75 अंक यानी 0.55 प्रतिशत गिरकर 24,154.90 पर पहुंच गया। बाजार में शुरुआती कारोबार से ही दबाव दिखाई दिया और दिन बढ़ने के साथ प्रमुख सूचकांकों की कमजोरी बनी रही।

बाजार की गिरावट में आईटी क्षेत्र की कंपनियों का प्रदर्शन प्रमुख कारणों में रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.93 प्रतिशत की गिरावट के साथ दिन का सबसे कमजोर प्रमुख क्षेत्रीय सूचकांक रहा। इसके अलावा निफ्टी रियल्टी में 1.42 प्रतिशत, पीएसयू बैंक में 1.01 प्रतिशत और एफएमसीजी इंडेक्स में 0.77 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

निफ्टी सर्विसेज इंडेक्स 0.68 प्रतिशत कमजोर रहा, जबकि मेटल इंडेक्स में 0.61 प्रतिशत की गिरावट आई। कंजप्शन इंडेक्स 0.50 प्रतिशत और इंफ्रास्ट्रक्चर इंडेक्स 0.42 प्रतिशत नीचे बंद हुए। इन क्षेत्रों में बिकवाली ने बाजार की व्यापक कमजोरी को बढ़ाने का काम किया।

हालांकि कुछ क्षेत्रों में खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स 1.29 प्रतिशत की बढ़त के साथ प्रमुख लाभार्थियों में रहा। मीडिया इंडेक्स में 0.40 प्रतिशत, ऑटो में 0.30 प्रतिशत, हेल्थकेयर में 0.21 प्रतिशत और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 0.20 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई।

बड़े शेयरों के साथ मिडकैप कंपनियों पर भी दबाव रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 277.60 अंक यानी 0.44 प्रतिशत गिरकर 63,539.40 पर बंद हुआ। दूसरी ओर निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स लगभग सपाट रहा और 19,808.85 के स्तर पर कारोबार समाप्त किया। इससे संकेत मिला कि व्यापक बाजार में गिरावट एक समान नहीं रही और कुछ हिस्सों में निवेशकों ने मजबूती बनाए रखी।

सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, बजाज फिनसर्व और एनटीपीसी बढ़त के साथ बंद हुए। दूसरी तरफ एशियन पेंट्स, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, भारती एयरटेल, टीसीएस, हिंदुस्तान यूनिलीवर और अल्ट्राटेक सीमेंट समेत कई बड़े शेयरों में गिरावट रही।

बाजार के प्रदर्शन पर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का भी प्रभाव रहा। कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। ऊंची तेल कीमतों से भारत जैसे तेल आयातक देश की कंपनियों की लागत और व्यापक आर्थिक परिस्थितियों पर असर पड़ने की आशंका रहती है। इसके साथ अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और कमजोर वैश्विक संकेतों ने भी बाजार के sentiment पर दबाव बनाया।

अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम के समाप्त होने के बाद मध्य पूर्व में तनाव को लेकर चिंता बढ़ी है। इससे निवेशकों के बीच मुद्रास्फीति और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को लेकर सावधानी बढ़ी। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में वृद्धि से उभरते बाजारों में विदेशी निवेश के आकर्षण पर भी असर पड़ सकता है।

आईटी शेयरों पर विशेष दबाव की वजह वैश्विक स्तर पर तकनीकी खर्च को लेकर बनी चिंताएं रहीं। ऊंची ब्याज दरों के लंबे समय तक बने रहने की आशंका से कंपनियों के प्रौद्योगिकी खर्च में कमी आने की संभावना को लेकर निवेशक सतर्क रहे।

घरेलू अर्थव्यवस्था के बुनियादी संकेतकों को अपेक्षाकृत मजबूत माना जा रहा है, लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमत और बढ़ती इनपुट लागत कंपनियों के मुनाफे पर दबाव डाल सकती है। ऐसे माहौल में निवेशकों की नजर आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेतों, तेल कीमतों और ब्याज दरों से जुड़े घटनाक्रम पर बनी रहने की संभावना है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *