March 8, 2026

सीएम धामी का नगर निगम महापौर व नगर पालिका अध्यक्षों से संवाद

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सीएम धामी ने नगर निगम महापौर एवं नगर पालिका अध्यक्षों से संवाद किया। इस अवसर पर सीएम ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल सत्ता में बने रहने की ही नहीं, बल्कि असल जिम्मेदारी जनता की सेवा करने की है। मुख्यमंत्री धामी ने यहां ये भी कहा कि मातृ शक्ति राज्य की सबसे बड़ी ताकत, उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने में माताओं-बहनों की सबसे बड़ी भूमिका है। इस दौरान उन्होंने राज्य के सभी नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों को नसीहत दी है कि वे अपनी भूमिका को केवल एक पद के रूप में न देखें, बल्कि इसे जनसेवा के एक मिशन के रूप में अपनाएं।

इसके अलावा सीएम ने यहां शहरी विकास विभाग द्वारा महिला स्वयं सहायता समूहों की सहायता के लिए तैयार तीन वेब पोर्टल भी लॉन्च किए। साथ ही उन्होंने नगर निकायों के कार्यालयों को डिजिटल करने, रजत जयंती पार्क बनाने, नगर निकायों में वेंडिंग जोन बनाने, भारत सरकार से टाइड फंड को अनटाइड करने के अनुरोध करने की घोषणा भी की। उन्होंने राज्य की प्रत्येक नगर निगम में 10, नगर पालिका में 5 व नगर पंचायत में 3 हाईटेक हैयर सैलून / पार्लर स्थापित करने व स्थानीय महिला एवं पुरुषों के लिए प्रशिक्षण का कार्यक्रम चलाने की भी घोषणा की।

 

सीएम ने कहा कि सभी को यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारी ट्रिपल इंजन सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं और कार्यों का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। आप सभी अपने-अपने निकाय कार्यालय को केवल एक प्रशासकीय इकाई ही नहीं, बल्कि उसे एक सेवा केंद्र के रूप में विकसित करें, जहां प्रत्येक नागरिक बिना झिझक के पूरे विश्वास के साथ आएं। आप सभी पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी को अपनी कार्यशैली का मूल मंत्र बनाएं।

नगर निगम महापौर एवं नगर पालिका अध्यक्षों को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने कहा कि आप लोग नियमित रूप से विशेषकर उन कार्यों की मॉनिटरिंग स्वयं करें, जिनमें भ्रष्टाचार की संभावना अधिक रहती है। क्योंकि प्रशासनिक स्तर पर आपकी सतर्कता ही सुशासन की सबसे बड़ी गारंटी बन सकती है। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएं और अपने अधीनस्थ अधिकारियोंकर्मचारियों को ये स्पष्ट संदेश दें कि किसी भी स्तर पर भ्रष्ट आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि हमारी जिम्मेदारी केवल सत्ता में बने रहने की ही नहीं है, बल्कि हमारी असल जिम्मेदारी जनता की सेवा करने की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्य सेवक सदन में शहरी विकास विभाग द्वारा आयोजित शहर से संवाद कार्यक्रम में राज्य के सभी नगर निगम एवं नगर पालिकाओं के जनप्रतिनिधियों से संवाद करते हुए ये बातें कहीं।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सभी नगर निगम के महापौर एवं नगर पालिकाओं के अध्यक्षों सहित विभिन्न स्थानीय जनप्रतिनिधियों की समस्याओं को सुना तथा नोट किया। नगर निकाय शहरों की आत्मा सीएम धामी नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शहरी सरकार नगर निगम और नगर पालिकाएं किसी भी शहर की आत्मा हैं। यह न केवल बुनियादी सुविधाएं जनता तक पहुँचाने का कार्य करती हैं, बल्कि किसी शहर की दिशा और दशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

मुख्यमंत्री ने याद दिलाई नगर निकायों की जिम्मेदारियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है, कई नगरों में जल निकासी की समस्या बनी हुई है। साथ ही शहरों में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को और अधिक सशक्त करने की आवश्यकता है। ट्रैफिक जाम अब शहरों में एक आम चुनौती बन चुका है, जिसे नियंत्रित करने के लिए स्थानीय निकायों को भी को विशेष प्रयास करने होंगे। इसके साथ ही हमें पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी प्राथमिकता के साथ कार्य करना होगा। शहरी सरकार से सीएम धामी के विशेष अनुरोध सभी नगर निकायों से अनुरोध करते हुए मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि आप लोगों को सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इन सभी चुनौतियों का सामना करने के लिए संकल्पित होकर प्रयास करने होंगे। मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूँ कि हमारी सरकार नगर निकायों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के सिद्धांत पर चलते हुए भारत को विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से आज देश के लाखों शहरों, कस्बों और नगरों में साफसफाई की एक नई संस्कृति विकसित हुई है। अमृत योजना के द्वारा शहरी बुनियादी ढांचे जैसे जल आपूर्ति, सीवरेज और हरित स्थानों को सशक्त किया गया है। स्मार्ट सिटी मिशन द्वारा शहरी विकास को तकनीक और नागरिक सुविधा के साथ जोड़ते हुए एक आदर्श नगर विकास का मॉडल प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाखों गरीब परिवारों को अपने स्वयं के पक्के घर प्राप्त हुए हैं।

राज्य सरकार उत्तराखंड के विकास को एक नई दिशा देने के लिए प्रयासरत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और सहयोग से हमारी राज्य सरकार भी उत्तराखंड के विकास को एक नई दिशा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। हमारी सरकार ने राज्य में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने का काम किया है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रत्येक नगर में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है।

स्मार्ट सिटी मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन जैसी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक को देने का प्रयास किया गया है। इसके साथ ही “विकास भी, विरासत भी” के मूल मंत्र के साथ राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने की दिशा में भी निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।

राज्य की मातृ शक्ति द्वारा प्रदेशभर में उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है। उनके बनाए उत्पाद मल्टीनेशनल कंपनियों के उत्पादों से भी बेहतर है। मातृ शक्ति राज्य की सबसे बड़ी ताकत है। उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने में माताओबहनों की सबसे बड़ी भूमिका है। ट्रिपल इंजन सरकार लिख रही विकास का नया अध्याय मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि आज हमारा राज्य नीति आयोग की ैक्ळ इंडेक्स रिपोर्ट में सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में पूरे देश में प्रथम स्थान पर पहुंचा है। साथ ही, युवाओं को रोजगार देने में भी हम अग्रणी राज्य बनकर उभरे हैं।

हमने एक वर्ष में बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाने में सफलता प्राप्त की है, जो राष्ट्रीय औसत से भी ज्यादा है। हमारी सरकार विकास कार्यों के साथ ही देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के प्रति भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। साथ ही, प्रदेश में सख्त दंगा रोधी और धर्मांतरण विरोधी कानूनों को भी लागू किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश में एक सख्त भूकानून भी लागू कर दिया है, जिससे राज्य के मूल स्वरूप के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इतना ही नहीं हमने जहां एक ओर राज्य में समान नागरिक संहिता कानून लागू कर एक समरस समाज के निर्माण की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है।

सख्त नकल कानून द्वारा नकल माफिया की रीढ़ तोड़ने का काम किया है, जिसके परिणामस्वरूप आज राज्य के 23 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है। हम भ्रष्टाचार रूपी दीमक को जड़ से समाप्त करने के लिए ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत कार्य कर रहे हैं। इसी का परिणाम है कि पिछले तीन वर्षों में हमने भ्रष्टाचार में लिप्त करीब 200 से अधिक लोगों को जेल की सलाखों के पीछे पहुँचाया है। इस अवसर पर मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, सहित सभी नगर निगमों के मेयर, नगर पालिकाओं के अध्यक्ष, सचिव नितेश कुमार झा, नगर आयुक्त नमामि बंसल, शहरी विकास विभाग के अधिकारी तथा विभिन्न स्थानीय निकायों के 100 से अधिक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

 

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