Uttarakhand Politics: भाजपा ने प्रदेश स्तरीय विभागों के संयोजक-सह संयोजकों की सूची जारी, पर…
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कार्यसमिति के सदस्यों के नामों की घोषणा कब
देहरादून। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उत्तराखंड ने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से शुक्रवार शाम प्रदेश स्तरीय 18 विभागों के संयोजक और सह-संयोजकों की नियुक्तियों की घोषणा की है।
प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने शुक्रवार को बताया कि प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट की सहमति से विभिन्न विभागों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इन नियुक्तियों का उद्देश्य संगठनात्मक गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाना, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा आगामी कार्यक्रमों और चुनावी तैयारियों को गति देना है।
पार्टी के अनुसार सुशासन, पॉलिसी रिसर्च, मीडिया संपर्क, प्रशिक्षण, राजनीतिक सुझाव एवं संवाद, राष्ट्रीय कार्यक्रम एवं बैठक, पुस्तकालय एवं दस्तावेज, सहयोग एवं आपदा राहत सेवाएं, अध्यक्ष कार्यालय, प्रचार साहित्य, चुनाव प्रबंधन, चुनाव आयोग, कानूनी मामले, पत्रिका एवं प्रशासन और विदेशी मामले सहित विभिन्न विभागों में संयोजक और सह-संयोजकों की नियुक्तियां की गई हैं।
जारी की गई सूची के अनुसार विनय रहेला को चुनाव प्रबंधन, अनिल गोयल को चुनाव आयोग, भजराम पंवार को पुस्तकालय एवं दस्तावेज, अनूप सेमवाल को सहयोग एवं आपदा राहत सेवाएं, नलिन भट्ट को अध्यक्ष कार्यालय, प्रवास एवं कार्यक्रम तथा जगमोहन सिंह रावत को प्रचार साहित्य विभाग का प्रदेश संयोजक बनाया गया है। वहीं ज्योति प्रसाद गैरोला को राजनीतिक सुझाव एवं संवाद, कुन्दन परिहार को प्रशिक्षण, दीपाली रावत को राष्ट्रीय कार्यक्रम एवं बैठक, हरीश चमोली को मीडिया संपर्क, बिन्देश गुप्ता को पॉलिसी रिसर्च तथा केदार जोशी को सुशासन विभाग का संयोजक नियुक्त किया गया है।
सुशासन विभाग में ओ.पी. कुलश्रेष्ठ, वाचस्पति सेमवाल, बीना आर्या और सुभाष पाण्डे को सह-संयोजक बनाया गया है। कानूनी मामले विभाग में ललित जोशी, एडवोकेट डी.पी. पुरोहित, देवाशीष नेगी और नीरज पाण्डे को सह-संयोजक नियुक्त किया गया है। पत्रिका एवं प्रशासन विभाग में सुरेश जोशी, श्रीमती विनोद उनियाल, जागृति वशिष्ठ और गोविन्द केलखुरा को सह-संयोजक बनाया गया है। विदेशी मामले विभाग में उत्तम रावत (फ्रांस) और गिरीश पंत को सह-संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
भाजपा ने कहा कि सभी नवनियुक्त पदाधिकारी संगठन की रीति-नीति के अनुरूप अपने विभागीय दायित्वों का निर्वहन करते हुए संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सशक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। लेकिन यहां भी बीजेपी की ओर से ये बात सामने नहीं लाई गई है कि भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्यों के नामों की घोषणा कब करेगी।
नाराजगी अब भी बाकी है:
दरअसल भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्यों के नामों की घोषणा न किए जाने से उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में भाजपा के कई प्रमुख कार्यकर्ताओं में नाराजगी बनी हुई है। इसके पीछे आशा ये थी कि कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को आशा थी कि उनके सदस्य बनने से जनता में उनकी पहचान तो बढ़ेगी ही साथ ही पार्टी / संगठन में भी उनके कद में इजाफा होगा। लेकिन चुनावों के इतने पास आने के बावजूद इस सूची के जारी नहीं होने से कई कार्यकर्ता बेहद नाराज बने हुए है। ऐसे में कार्यकर्ताओं की इस नाराजगी का खामियाजा भाजपा को 2027 में चुकाना पड़ सकता है।
