Uttarkashi samachar: हर्षिल घाटी में तेज बारिश के बाद खीरगंगा नदी का जलस्तर बढ़ा
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बीआरओ ने संभाला मोर्चा, हालात काबू में…
देवभूमि उत्तराखंड की हर्षिल घाटी में शनिवार शाम को तेज बारिश के कारण आपदा प्रभावित धराली के बीच बहने वाली खीरगंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया। पानी के साथ बहकर आए मलबे और पत्थर गंगोत्री हाईवे पर बने नारदानों में फंसने के कारण सड़क क्षतिग्रस्त होने का खतरा बन गया था।
मौके पर पहुंची बीआरओ की मशीनरी ने नारदानों में फंसे मलबे और पत्थरों को हटाकर उसके लिए बनाए गए मार्ग के लिए नारदानों के बीच से जलप्रवाह को मोड़ा गया। हालांकि कुछ देर बाद जलस्तर हल्का सामान्य होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
अगस्त 2025 में खीरगंगा में आई आपदा ने हर्षिल घाटी के धराली गांव में तबाही मचाई थी। उस आपदा में कई भवन होटल, गंगोत्री हाईवे जमींदोज हो गए थे। स्थानीय लोग आज भी उस आपदा के जख्मो से उभर नहीं पाए हैं।
ऐसे में जहां साल 2026 का मानसून सीजन शुरू होने के बाद शनिवार को खीरगंगा का जलस्तर भी उफान पर देखने को मिला। इसके चलते धराली में कुछ देर के लिए भय का वातावरण निर्मित हो गया था। कुछ देर बाद भले ही स्थिति सामान्य हो गई। लेकिन इस साल 2026 में हर्षिल की तेलगाड़ नदी के बाद खीरगंगा के जलस्तर बढ़ने के कारण पिछले वर्ष की आपदा की तरह डर बना हुआ है। दूसरी ओर हर्षिल को भी इन नदियों का जलस्तर बढ़ने से खतरा बना हुआ है। कारण यह है कि यह नदियां भागीरथी नदी में मिलती हैं और इनके कारण भागीरथी नदी का जलस्तर बढ़ने से हर्षिल को खतरा बना हुआ है।
