गुजरात के जूनागढ़ में लोहे के गेट में फंसा शेर, उल्टा लटका, वन विभाग ने ऐसे किया रेस्क्यू
वन विभाग के अनुसार, ग्रोफेड क्षेत्र में स्थित एक पुरानी मिल के परिसर के पास तड़के करीब 1 से 2 वर्ष का नर शेर घूम रहा था। गेट लांघने की कोशिश के दौरान उसका पिछला पैर लोहे की सलाखों के बीच फंस गया। बाहर निकलने के लिए उसने काफी प्रयास किए, लेकिन हर कोशिश के साथ उसकी स्थिति और कठिन होती गई।
वन विभाग ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग और सक्करबाग जू की विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। सबसे पहले आसपास का क्षेत्र खाली कराया गया, ताकि बचाव अभियान के दौरान किसी प्रकार का खतरा न रहे। इसके बाद निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शेर को सावधानीपूर्वक सलाखों से मुक्त कराया गया।
घायल शेर का कराया गया उपचार
रेस्क्यू के बाद शेर को सक्करबाग जू ले जाया गया, जहां पशु चिकित्सकों ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। वन विभाग के मुताबिक, शेर के पिछले पैर में चोट आई है, लेकिन उसकी स्थिति फिलहाल स्थिर है। उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है और लगातार उपचार किया जा रहा है।
वन अधिकारियों का कहना है कि यदि सूचना समय पर नहीं मिलती और रेस्क्यू में देरी होती, तो शेर की चोट गंभीर हो सकती थी। समय रहते बचाव अभियान शुरू होने से बड़ा हादसा टल गया।
आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच जाते हैं शेर
गिर और जूनागढ़ क्षेत्र एशियाई शेरों का प्राकृतिक आवास है। भोजन की तलाश या अपने क्षेत्र से भटकने के कारण कई बार शेर आबादी वाले इलाकों तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में पुराने ढांचे, लोहे के गेट, तार और गड्ढे जैसे अवरोध वन्यजीवों के लिए खतरा बन जाते हैं। फिलहाल घायल शेर का इलाज जारी है और वन विभाग उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
