August 2, 2026

अभिजीत दिपके के परिवार और CJP फंडिंग की जांच की मांग, RTI कार्यकर्ता ने EC और GST विभाग को लिखा पत्र

0
photo3-1-1785643600

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके और संगठन के लिए घोषित लीगल डिफेंस फंड को लेकर नए सवाल उठे हैं। गुजरात के सूरत के एक RTI कार्यकर्ता ने चुनाव आयोग और केंद्रीय GST विभाग से पूरे मामले की वित्तीय जांच कराने की मांग की है।

RTI कार्यकर्ता अमित तिवारी ने शनिवार को बताया कि उन्होंने इस संबंध में दोनों संस्थाओं को पत्र भेजा है। उनकी मांग है कि CJP की फंडिंग, संगठन की वैधानिक स्थिति और अभिजीत दिपके के परिवार की वित्तीय पृष्ठभूमि की जांच की जाए।

विदेश में पढ़ाई के खर्च पर सवाल
तिवारी ने अपने पत्र में कहा है कि अभिजीत दिपके के पिता भगवानराव दिपके, जो महाराष्ट्र सरकार से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, उनके बेटे की विदेश में उच्च शिक्षा का खर्च किस स्रोत से वहन किया गया, इसकी जांच होनी चाहिए।

CJP के पंजीकरण की भी जांच की मांग
RTI कार्यकर्ता ने निर्वाचन आयोग से यह भी अनुरोध किया है कि CJP की कानूनी स्थिति स्पष्ट की जाए। उनका कहना है कि यदि संगठन राजनीतिक दल की तरह गतिविधियां चला रहा है और उसके नाम पर फंड जुटाया जा रहा है, तो यह जांचना आवश्यक है कि क्या उसका पंजीकरण जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत हुआ है या नहीं। यदि पंजीकरण नहीं है, तो इस आधार पर भी जांच होनी चाहिए।

1 करोड़ के लीगल डिफेंस फंड पर GST का मुद्दा
अमित तिवारी ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) को भी पत्र लिखकर वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल द्वारा घोषित 1 करोड़ रुपये के लीगल डिफेंस फंड पर लागू कर नियमों की जांच की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से इस राशि पर संभावित GST देनदारी की समीक्षा करने का आग्रह किया है।

NEET प्रदर्शन से जुड़ा है मामला
यह विवाद NEET पेपर लीक मामले को लेकर हुए प्रदर्शनों के बाद सामने आया है। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए CJP प्रदर्शनकारियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी। इसी फंड और उससे जुड़े वित्तीय पहलुओं को लेकर अब जांच की मांग उठाई गई है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *