एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारत का विजय अभियान, सेमीफाइनल में कोरिया की चुनौती, ऐसा है रिकॉर्ड
लीग स्टेज में भारत का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। टीम ने अपने पांचों राउंड रॉबिन मुकाबलों में जीत दर्ज की और अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। लगातार जीत के कारण भारतीय टीम का आत्मविश्वास काफी मजबूत है। खिलाड़ियों ने आक्रामक हॉकी के साथ-साथ बेहतर तालमेल और मजबूत रक्षापंक्ति का प्रदर्शन किया है। अब सेमीफाइनल में भी टीम इसी लय को बरकरार रखना चाहेगी। हालांकि नॉकआउट मुकाबलों में दबाव अलग होता है और एक छोटी सी गलती भी टीम की फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को प्रभावित कर सकती है।
कोरिया के खिलाफ भारत का हालिया रिकॉर्ड भी मेजबान टीम के पक्ष में नजर आता है। दोनों टीमों के बीच खेले गए पिछले 26 मुकाबलों में भारत ने 16 मैच जीते हैं जबकि सात मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। पिछले दस वर्षों में कोरिया के लिए भारतीय टीम को हराना लगातार मुश्किल हुआ है। भारत ने जालंधर में खेले गए पिछले मुकाबले में कोरिया को 8-0 से करारी शिकस्त दी थी। इससे पहले जापान में आयोजित एशियन गेम्स में भी भारतीय टीम ने कोरिया को 8-2 से हराया था। इन नतीजों से भारतीय खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। हालांकि टीम को कोरिया को हल्के में लेने की गलती नहीं करनी होगी।
भारतीय टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती दूसरे क्वार्टर में अपनी पकड़ बनाए रखने की होगी। बांग्लादेश के खिलाफ 13-0 की बड़ी जीत के बाद खेले गए चार मुकाबलों में भारत ने दूसरे क्वार्टर के दौरान कुछ कमजोरियां दिखाई हैं। इस समय टीम कई बार खेल पर नियंत्रण खोती नजर आई और विरोधी टीमों को वापसी का मौका मिला। कोरिया के खिलाफ पिछले मैच में भी भारत को छह पेनल्टी कॉर्नर का सामना करना पड़ा था। चीन मलेशिया और जापान के खिलाफ भी दूसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने बराबरी के गोल खाए थे। हालांकि आखिरी दो क्वार्टर में खिलाड़ियों ने शानदार वापसी करते हुए मुकाबले अपने नाम किए।
भारतीय कोच क्रेग फुल्टन ने भी टीम की स्थिति को लेकर भरोसा जताया है। उनका मानना है कि भारतीय टीम अच्छी लय में है लेकिन नॉकआउट मुकाबले का दबाव अलग होता है। ऐसे में खिलाड़ियों को शुरुआत से ही एकाग्रता बनाए रखनी होगी। अच्छी शुरुआत और पूरे मैच में अनुशासन के साथ खेलना भारत के लिए बेहद जरूरी होगा।
भारत और कोरिया के बीच यह सेमीफाइनल मुकाबला शाम 7 बजे से खेला जाएगा। भारतीय टीम के पास मजबूत रिकॉर्ड और शानदार फॉर्म है लेकिन फाइनल का टिकट हासिल करने के लिए उसे मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। अब देखना होगा कि भारतीय खिलाड़ी कोरिया को हराकर सातवीं बार खिताबी मुकाबले में जगह बना पाते हैं या नहीं।
