स्पेन से हार के बाद भी अर्जेंटीना पर बरसा प्यार, एयरपोर्ट पर रेड कार्पेट और हजारों फैन्स का स्वागत
एजेइजा स्थित मिनिस्ट्रो पिस्टारिनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों के स्वागत के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। विमान के उतरते ही रेड कार्पेट बिछाया गया और ग्रेनेडियर रेजिमेंट के सैन्य बैंड ने लोकप्रिय धुन ‘मुचाचोस’ बजाकर खिलाड़ियों का अभिनंदन किया। एयरपोर्ट से लेकर अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन (AFA) मुख्यालय तक हजारों प्रशंसक अपने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज, नीले-सफेद रंग के छाते और टीम की जर्सियां लिए खिलाड़ियों की एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करते रहे।
टीम के कप्तान लियोनेल मेसी इस स्वागत समारोह का हिस्सा नहीं बने। अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन पहले ही स्पष्ट कर चुका था कि टीम के कुछ खिलाड़ी और अधिकारी दल के साथ यात्रा नहीं करेंगे, जिनमें मेसी भी शामिल थे। माना जा रहा है कि 39 वर्षीय मेसी ने राष्ट्रीय टीम के लिए अपना आखिरी विश्व कप मुकाबला खेल लिया है, हालांकि उनके भविष्य को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
कोच लियोनेल स्कालोनी के नेतृत्व में लौटे खिलाड़ियों में एमिलियानो मार्टिनेज, निकोलस ओटामेंडी, लिसांड्रो मार्टिनेज, निकोलस टैग्लियाफिको, गोंजालो मोंटिएल, लिएंड्रो परेडेस, एलेक्सिस मैक एलिस्टर, जियोवानी लो सेल्सो, थियागो अल्माडा, निकोलस गोंजालेज और अन्य खिलाड़ी शामिल रहे। सभी खिलाड़ियों का जोरदार तालियों और नारों के बीच स्वागत किया गया।
एयरपोर्ट से टीम को कड़ी सुरक्षा के बीच खुली छत वाली बस में लियोनेल आंद्रेस मेसी ट्रेनिंग सेंटर ले जाया गया। पूरे रास्ते सड़कों के दोनों ओर बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। कई प्रशंसक झंडे लहराते रहे तो कई ड्रम बजाकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते नजर आए। हार के बावजूद फैन्स ने यह संदेश दिया कि उनके लिए टीम की मेहनत और जज्बा किसी ट्रॉफी से कम नहीं है।
विश्व कप फाइनल में स्पेन के खिलाफ अर्जेंटीना ने कड़ा मुकाबला किया, लेकिन एकमात्र गोल के अंतर से उसे हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का सपना अधूरा रह गया। बावजूद इसके देशवासियों ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने में कोई कमी नहीं छोड़ी।
अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन के अधिकारियों और ट्रेनिंग सेंटर के कर्मचारियों ने भी खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ का गर्मजोशी से स्वागत किया। टीम की स्वदेश वापसी के साथ विश्व कप अभियान भले समाप्त हो गया हो, लेकिन प्रशंसकों के समर्थन ने यह साफ कर दिया कि अर्जेंटीना में फुटबॉल केवल खेल नहीं, बल्कि लोगों की भावनाओं और गर्व का हिस्सा है।
