60 विकेट लेकर जम्मू-कश्मीर को बनाया रणजी चैंपियन अब इंग्लैंड में आजमाएंगे किस्मत! आकिब नबी पर टीम इंडिया की नजर
आकिब नबी ने रणजी ट्रॉफी के पिछले सीजन में अपनी गेंदबाजी से जबरदस्त प्रभाव छोड़ा था। उन्होंने महज 12.56 की औसत से 60 विकेट हासिल किए और टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। उनकी शानदार गेंदबाजी के दम पर जम्मू-कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। घरेलू क्रिकेट में इस प्रदर्शन के बाद नबी को भारतीय टीम के भविष्य के तेज गेंदबाजों में एक महत्वपूर्ण नाम माना जा रहा है।
इंग्लैंड का संभावित काउंटी कार्यकाल नबी के लिए सिर्फ विदेशी क्रिकेट खेलने का मौका नहीं होगा बल्कि भारतीय टीम के नजरिए से भी इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टीम मैनेजमेंट और राष्ट्रीय चयनकर्ता न्यूजीलैंड के आगामी टेस्ट दौरे को ध्यान में रखते हुए नबी को तेज गेंदबाजों के अनुकूल परिस्थितियों में खेलने का अनुभव दिलाना चाहते हैं। इंग्लैंड में रेड कूकाबुरा गेंद से गेंदबाजी करते हुए नबी की स्विंग और परिस्थितियों के साथ तालमेल बैठाने की क्षमता को परखा जा सकता है। न्यूजीलैंड में टेस्ट क्रिकेट के दौरान भी तेज गेंदबाजों को अनुकूल परिस्थितियां मिलने की उम्मीद रहती है ऐसे में यह अनुभव उनके लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
नबी श्रीलंका के खिलाफ भारत की हालिया टेस्ट सीरीज का भी हिस्सा रहे थे। भारत ने यह सीरीज 1-0 से अपने नाम की लेकिन नबी को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली थी। अब इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलने का मौका उन्हें विदेशी परिस्थितियों में खुद को साबित करने का अवसर देगा। खास बात यह है कि इंग्लैंड में कई भारतीय खिलाड़ी पहले से काउंटी क्रिकेट में सक्रिय हैं जिससे नबी को वहां के माहौल और परिस्थितियों को समझने में भी मदद मिल सकती है।
इंग्लैंड में भारतीय खिलाड़ियों की मौजूदगी की बात करें तो बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार वार्विकशायर के साथ फिर जुड़ने वाले हैं। कुलदीप यादव भी यॉर्कशायर के लिए काउंटी क्रिकेट खेलने लौटेंगे। सरे की टीम में भारतीय लेग स्पिनर राहुल चाहर और अनकैप्ड बल्लेबाजी ऑलराउंडर महिपाल लोमरोर भी शामिल हैं। ऐसे में नबी को विदेशी परिस्थितियों में भारतीय खिलाड़ियों के साथ खेलने और अनुभव साझा करने का मौका मिल सकता है।
काउंटी चैंपियनशिप में अपना संभावित कार्यकाल पूरा करने के बाद नबी के इंडिया ए टीम से जुड़ने की उम्मीद है। 22 सितंबर से पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले दो रेड बॉल मुकाबलों में उनके खेलने की संभावना है। इसके बाद जम्मू-कश्मीर की टीम के साथ उनके जुड़ने को लेकर भी स्थिति पर नजर रहेगी क्योंकि 1 से 5 अक्टूबर तक श्रीनगर में रेस्ट ऑफ इंडिया के खिलाफ ईरानी कप मुकाबला होना है।
इस बीच भारतीय तेज गेंदबाजी के अनुभवी चेहरे मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार के भी काउंटी चैंपियनशिप के बाद के चरणों में खेलने की संभावना जताई गई है। दोनों फिलहाल दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में ईस्ट जोन की ओर से खेल रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में भारतीय तेज गेंदबाजों के लिए विदेशी परिस्थितियों में खुद को परखने के कई अहम मौके सामने आ सकते हैं। आकिब नबी के लिए सरे का संभावित काउंटी कार्यकाल इसी दिशा में उनके करियर का बड़ा पड़ाव साबित हो सकता है।
