नन्हें कलाकारों ने दिखाई प्रतिभा, वारली आर्ट और पेपर क्राफ्ट में चमके
हर दिन नई कला, नया अनुभ
इस समर कैंप को इस तरह डिजाइन किया गया था कि बच्चों को हर दिन एक नई कला से परिचित कराया जा सके।
पहले दिन बच्चों ने पारंपरिक वारली आर्ट की बारीकियां सीखी।
दूसरे दिन ओरिगामी के जरिए कागज से सुंदर आकृतियां बनाना सीखा।
तीसरे दिन लीफ आर्ट में पत्तों के माध्यम से क्रिएटिव डिजाइन बनाए गए।
चौथे दिन पेपर कप क्राफ्ट ने बच्चों की कल्पनाओं को पंख दिए।
पांचवें दिन आइसक्रीम स्टिक क्राफ्ट के जरिए बच्चों ने मजेदार मॉडल तैयार किए।
हर गतिविधि में बच्चों की भागीदारी और उत्साह देखने लायक था।
स्क्रीन टाइम से क्रिएटिविटी की ओर कदम
कैंप की आयोजक श्रद्धा वर्मा ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को मोबाइल और स्क्रीन टाइम से दूर करके रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना है। उनका कहना है कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों के मानसिक विकास और आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों ने पूरे कैंप के दौरान अनुशासन और सीखने की गहरी रुचि दिखाई, जो बेहद सराहनीय है।
समापन पर मिला सम्मान और खुश
पांच दिवसीय इस समर कैंप का समापन डिजिटल प्रमाणपत्रों के वितरण के साथ हुआ। बच्चों के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सागर का यह समर कैंप यह साबित करता है कि अगर बच्चों को सही दिशा और मंच मिले, तो वे रचनात्मकता में नए आयाम छू सकते हैं। यह पहल न केवल कला को बढ़ावा देती है, बल्कि बच्चों को मोबाइल की दुनिया से निकालकर वास्तविक सीख की ओर ले जाती है।
