शिक्षा मंत्रालय की कमान अब प्रह्लाद जोशी के हाथ, केंद्र सरकार ने सौंपी अतिरिक्त जिम्मेदारी
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है। वर्तमान में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे जोशी अब शिक्षा मंत्रालय का दायित्व भी निभाएंगे। लंबे राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक कार्यशैली के कारण उन्हें सरकार के भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता है।
कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से लगातार पांच बार सांसद चुने जा चुके प्रह्लाद जोशी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुर में जन्मे जोशी वर्ष 2004 से धारवाड़ का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनके पिता वेंकटेश जोशी भारतीय रेलवे में कार्यरत थे और उनका परिवार मध्यमवर्गीय पृष्ठभूमि से जुड़ा रहा है। उनके परिवार में पत्नी और तीन बेटियां हैं।
रेलवे स्कूल से विश्वविद्यालय तक की पढ़ाई
प्रह्लाद जोशी की प्रारंभिक शिक्षा रेलवे स्कूल और न्यू इंग्लिश स्कूल, हुबली में हुई। इसके बाद उन्होंने कर्नाटक विश्वविद्यालय के केएस आर्ट्स कॉलेज, धारवाड़ से स्नातक (बीए) की डिग्री प्राप्त की। उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी शुरू कर दी।
आरएसएस से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
जोशी का सार्वजनिक जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़कर शुरू हुआ। बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाई और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का काम किया। 1990 के दशक में हुबली ईदगाह मैदान पर तिरंगा फहराने के आंदोलन और ‘कश्मीर बचाओ’ अभियान के दौरान उनकी पहचान व्यापक स्तर पर बनी।
संगठन में निभाईं कई अहम जिम्मेदारियां
भाजपा संगठन में प्रह्लाद जोशी ने विभिन्न पदों पर कार्य किया। वर्ष 1995 से 1998 तक वे भाजपा के धारवाड़ जिला अध्यक्ष रहे। इसके बाद 1998 से 2003 तक जिला महासचिव के रूप में जिम्मेदारी संभाली। आगे चलकर वे कर्नाटक भाजपा के महासचिव बने और वर्ष 2013 से 2016-17 तक प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पार्टी संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
लगातार पांचवीं बार बने सांसद
प्रह्लाद जोशी ने वर्ष 2004 में पहली बार धारवाड़ से लोकसभा चुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया। इसके बाद 2009, 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में लगातार जीत दर्ज करते हुए पांचवीं बार सांसद बने। वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूसरी सरकार में उन्हें संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री बनाया गया। वहीं, मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में उन्हें उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई। अब शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के साथ उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं।
