October 18, 2026

ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास भीषण हादसा, बेकाबू ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला, 14 की मौत और कई घायल

0
1-1792301494

मध्य प्रदेश। के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास रविवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। नवरात्रि के दौरान मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालु धान से लदे एक अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आ गए। इस हादसे में 14 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को सहायता पहुंचाने और हालात संभालने के लिए पुलिस प्रशासन को मौके पर सक्रिय होना पड़ा। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में शोक और आक्रोश का माहौल है।

यह दुर्घटना रात करीब 1:30 बजे छिनोर की ओर से आने वाली सड़क पर हुई। उस समय नवरात्रि के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु शीतला माता मंदिर की ओर जा रहे थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, धान से भरा एक ट्रक पुलिस बैरिकेड्स तोड़ते हुए अनियंत्रित हो गया। इसके बाद ट्रक ढलान वाली सड़क पर नीचे की ओर बढ़ा और मंदिर की बाहरी दीवार तथा गेट से जा टकराया। रास्ते में मौजूद श्रद्धालु इसकी चपेट में आ गए। अचानक हुए इस हादसे से मौके पर चीख-पुकार मच गई और लोग अपने परिजनों को तलाशने लगे।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, छिनोर की तरफ से आने वाली सड़क पर ढलान है और इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित है। इसके बावजूद धान से लदा ट्रक वहां कैसे पहुंचा और बैरिकेड्स तोड़कर आगे कैसे बढ़ा, यह सवाल घटना के बाद प्रमुखता से उठ रहा है। हादसे में मौके पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई और प्रभावित क्षेत्र में स्थिति संभालने के प्रयास किए गए।

हादसे के बाद मृतकों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए ग्वालियर के पोस्टमॉर्टम केंद्र पहुंचाए गए। वहां बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए। परिजन केंद्र के बाहर अपने प्रियजनों के बारे में जानकारी मिलने का इंतजार करते रहे। इसी दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह वहां पहुंचे। उन्हें देखकर कुछ परिजन और स्थानीय लोग नाराज हो गए। लोगों ने सवाल उठाया कि जिस रास्ते पर साइकिल तक ले जाना मुश्किल बताया जा रहा है, वहां भारी ट्रक कैसे पहुंच गया। आक्रोशित लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।

हादसे में जान गंवाने वाले कुछ लोगों की पहचान की जानकारी भी सामने आई है। इनमें सरला तोमर, उम्र 50 वर्ष, गौरव परिहार, उम्र 18 वर्ष, महेश शर्मा, उम्र 45 वर्ष, विमलेश, उम्र 18 वर्ष, देवेश बघेल, उम्र 17 वर्ष, प्रिंस उर्फ छोटू जाटव, उम्र 16 वर्ष और शौर्य शर्मा, उम्र 15 वर्ष शामिल हैं। घटना में जान गंवाने वालों में कम उम्र के लोगों के नाम भी सामने आने से परिवारों और स्थानीय लोगों का दुख और गहरा हो गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हादसे में 11 मृतकों की पहचान किए जाने की बात कही गई है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर भारी अफरा-तफरी मच गई थी। लोग चीखते हुए अपने परिजनों को खोज रहे थे। कुछ लोगों ने ट्रक के नीचे फंसे लोगों को देखकर दुख और गुस्सा जाहिर किया। स्थानीय निवासियों ने हादसे के लिए प्रशासनिक लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है। हालांकि, हादसे की जिम्मेदारी तय करने और दुर्घटना के कारणों की पुष्टि के लिए जांच जरूरी होगी।

घटना के बाद गुस्साए लोगों ने लापरवाह वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और इस मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई। हंगामे की सूचना मिलने पर शहर के अन्य थानों से भी अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर भेजा गया, ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके और कानून-व्यवस्था बनी रहे। हादसे ने नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और प्रतिबंधित मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *