October 1, 2026

रात में सो रहे 8 साल के बच्चे के साथ दर्दनाक हादसा सांप ने दो बार डसा अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी हालत

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शिवपुरी । शिवपुरी जिले के इंदार थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। बिजरौनी गांव में बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात 8 साल के बच्चे को जहरीले सांप ने दो बार डस लिया। बताया जा रहा है कि पहली बार डसने के बाद सांप बच्चे के बिस्तर में ही छिपा रहा और कुछ देर बाद उसने दोबारा बच्चे को डस लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन डॉक्टरों की कोशिश के बावजूद बच्चे की जान नहीं बच सकी।

जानकारी के अनुसार 8 वर्षीय पुरुषोत्तम आदिवासी अपने परिवार के साथ बिजरौनी गांव में रहता था। उसके पिता अशोक आदिवासी मूल रूप से शिवपुरी जिले के धपोरा गांव के रहने वाले हैं। परिवार पिछले करीब तीन साल से बिजरौनी में रहकर हलवाई का काम करता है। बुधवार रात परिवार के बाकी सदस्यों की तरह पुरुषोत्तम भी तखत पर सो रहा था। रात करीब 12 बजे के आसपास वह हादसे का शिकार हो गया।

परिजनों के मुताबिक सोते समय एक जहरीला कोबरा सांप बिस्तर में पहुंच गया। सांप ने पहले बच्चे के हाथ में डस लिया। पहली बार डसने के बाद परिवार को इसकी जानकारी हुई और उन्होंने बच्चे को संभालने की कोशिश की। इसी दौरान बताया जा रहा है कि सांप कंबल में ही छिपा रहा। कुछ समय बाद उसने बच्चे को दूसरी बार डस लिया। दो बार सांप के काटने के बाद बच्चे की हालत तेजी से बिगड़ने लगी।

बच्चे की स्थिति गंभीर होती देख परिवार के लोग उसे तत्काल बदरवास अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे गुना जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन बिना देर किए बच्चे को लेकर गुना पहुंचे लेकिन उसकी हालत लगातार नाजुक बनी रही। जानकारी के मुताबिक रात करीब 2 बजे इलाज के दौरान पुरुषोत्तम ने दम तोड़ दिया।

बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। जिस घर में कुछ घंटे पहले तक सामान्य माहौल था वहां अचानक चीख पुकार मच गई। परिजन बच्चे को बचाने के लिए अस्पतालों के चक्कर लगाते रहे लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में भी शोक का माहौल है।

गुरुवार सुबह गुना जिला अस्पताल में बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिवार वालों को सौंप दिया गया। इसके बाद परिजन शव को लेकर अपने गांव रवाना हुए।

ग्रामीण इलाकों में रात के समय सांपों के घरों और बिस्तरों तक पहुंचने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। बारिश और बदलते मौसम के दौरान सांप सुरक्षित जगह की तलाश में घरों में घुस सकते हैं। ऐसे में बिस्तर और कंबल इस्तेमाल करने से पहले उन्हें अच्छी तरह जांचना जरूरी माना जाता है। इस घटना ने भी परिवारों को रात में सोने की जगह और आसपास के हिस्से को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है। हालांकि इस मामले में बच्चे की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और गांव में भी घटना को लेकर शोक का माहौल बना हुआ है।

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