खाना खाते समय क्लिनिक संचालक पर हमला, पीट-पीटकर हत्या: शिवपुरी में वारदात के बाद भड़का आक्रोश, थाने के सामने चक्काजाम
परिजनों के अनुसार, मंगलवार शाम प्रभान सिंह लोधी अपने घर पर भोजन कर रहे थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचे और कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए जबरन उन्हें घर से बाहर खींच ले गए। आरोप है कि बाहर ले जाकर उन पर लाठियों, डंडों और पत्थरों से हमला किया गया। हमले में प्रभान सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।
मृतक की पत्नी मीना लोधी ने बताया कि जब उन्होंने, परिवार के अन्य सदस्यों और रिश्तेदारों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट की। घटना के बाद आरोपी प्रभान सिंह को गंभीर हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गए। परिजन तत्काल उन्हें उपचार के लिए पिछोर अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना की खबर फैलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन भौंती थाने पहुंच गए। लोगों ने आरोप लगाया कि विवाद की जानकारी पहले से होने के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई। इसी नाराजगी के चलते लोगों ने पिछोर-शिवपुरी मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित हो गया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि घटना में शामिल सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और मामले में कठोर कार्रवाई की जाए।
पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाइश दी और निष्पक्ष जांच तथा सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद जाम समाप्त कराया गया और यातायात बहाल हो सका।
पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि एक महिला से जुड़े विवाद से जुड़ी बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, संबंधित महिला की कुछ समय पहले शादी हुई थी, लेकिन वह ससुराल जाने को तैयार नहीं थी। इस मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ था। हाल के दिनों में विवाद बढ़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया था और महिला को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच मतभेद और गहरे हो गए।
घटना वाले दिन भी दोनों पक्ष भौंती थाने पहुंचे थे, जहां विभिन्न आरोपों को लेकर शिकायतें दर्ज कराने की कोशिश की गई। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर गांव वापस भेज दिया था। हालांकि कुछ ही घंटों बाद हिंसक घटना सामने आ गई, जिसमें प्रभान सिंह लोधी की जान चली गई।
एसडीओपी प्रशांत शर्मा ने बताया कि मामले में 15 नामजद और 15 अज्ञात आरोपियों सहित कुल 30 लोगों के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने। वहीं मृतक के परिवार और ग्रामीणों को उम्मीद है कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होगी और उन्हें न्याय मिलेगा।
