पीओजेके में प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तान की कार्रवाई पर भारत का तीखा हमला, अंतरराष्ट्रीय जांच और जवाबदेही की उठाई मांग
विदेश मंत्रालय के नियमित साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान लगातार पीओजेके में शांतिपूर्ण नागरिकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई में 40 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। भारत का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के प्रति पाकिस्तान प्रशासन का रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों के विपरीत है।
भारत ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों को देश का “दुश्मन” बताया था। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस तरह की टिप्पणी यह दर्शाती है कि पाकिस्तान अपने ही नागरिकों की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास कर रहा है। भारत ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध करने वालों को इस प्रकार निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं माना जा सकता।
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के राजनीतिक मामलों के विशेष सहायक राणा सनाउल्लाह की हालिया टिप्पणियों का भी जिक्र किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान के वरिष्ठ नेताओं ने स्वयं स्वीकार किया है कि अतीत में जिन उग्रवादी समूहों को समर्थन दिया गया था, वे अब पाकिस्तान के लिए ही चुनौती बन गए हैं। भारत ने इसे आतंकवाद को बढ़ावा देने की नीति का परिणाम बताया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पीओजेके में हाल के घटनाक्रमों ने वहां के लोगों में असंतोष को और बढ़ा दिया है। भारत के अनुसार, वहां के नागरिक स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं और कई स्थानीय संगठनों ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से हस्तक्षेप की अपील भी की है। भारत ने वैश्विक समुदाय से आग्रह किया कि वह इन आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे और मानवाधिकारों के कथित उल्लंघनों पर पाकिस्तान से जवाब मांगे।
रिपोर्टों के अनुसार, पीओजेके के विभिन्न क्षेत्रों में लंबे समय से विरोध प्रदर्शन जारी हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान कई स्थानों पर सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की घटनाएं सामने आई हैं। सोशल मीडिया पर साझा किए गए कई वीडियो में कथित रूप से प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग और अफरा-तफरी के दृश्य दिखाई देने का दावा किया गया है। हालांकि इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
भारत ने दोहराया कि पीओजेके भारत का अभिन्न हिस्सा है और वहां रहने वाले लोगों के अधिकारों तथा सुरक्षा को लेकर वह लगातार अपनी चिंता व्यक्त करता रहेगा। विदेश मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तथ्यों की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। भारत का मानना है कि पारदर्शी जांच और जवाबदेही से ही क्षेत्र में विश्वास बहाल करने और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में सार्थक कदम उठाए जा सकते हैं।
