श्रद्धालुओं की आस्था पर वार, शिवपुरी के मंदिर से दो दानपात्र चोरी; पुलिस जांच में जुटी
मंदिर परिसर में संचालित सीता रसोई का संचालन अन्नपूर्णा सेवा समिति द्वारा किया जाता है। समिति के सदस्य सुमित तिवारी ने बताया कि यहां प्रत्येक मंगलवार विशाल भंडारे का आयोजन होता है, जिसमें करीब चार से पांच हजार श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं। इसके अलावा प्रतिदिन 40 से 50 जरूरतमंद, गरीब और असहाय लोगों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाता है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा अनुसार दानपात्र में राशि डालकर इस सेवा कार्य में सहयोग करते हैं।
मंगलवार सुबह जब समिति के सदस्य भंडारे की तैयारी के लिए सीता रसोई पहुंचे, तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ मिला। अंदर प्रवेश करने पर देखा कि कमरे में रखे दो बड़े बक्सों के ताले भी तोड़े गए थे और उनमें रखे दोनों दानपात्र गायब थे। घटना देखकर समिति के सदस्यों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
समिति के अनुसार, चोरी हुए दानपात्रों में श्रद्धालुओं द्वारा गुप्त रूप से दान की गई पांच हजार रुपए से अधिक की नकदी होने का अनुमान है। हालांकि वास्तविक राशि का पता जांच और रिकॉर्ड के आधार पर लगाया जाएगा। समिति के सदस्यों का कहना है कि यह केवल चोरी की घटना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था और सेवा कार्य पर भी चोट है।
सूचना मिलते ही करैरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ अन्य साक्ष्य भी जुटाने शुरू कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया जाएगा।
मंदिर समिति ने प्रशासन से मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और नियमित गश्त बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और श्रद्धालुओं की आस्था सुरक्षित बनी रहे।
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