इंदौर में आज से सेमीकंडक्टर समिट का आगाज, ₹6200 करोड़ के निवेश प्रस्ताव पर टिकी नजरें, चिप से AI तक बनेगी रणनीति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस आयोजन में मध्य प्रदेश को सेमीकंडक्टर हब के रूप में विकसित करने का विजन प्रस्तुत करेंगे। वे प्रदर्शनी का अवलोकन करने के साथ उद्योग से जुड़े निवेशकों और कंपनियों के प्रतिनिधियों से वन-टू-वन बैठकें भी करेंगे। इन बैठकों में प्रदेश में निवेश की संभावनाओं तकनीकी सहयोग और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। सरकार की कोशिश है कि इस आयोजन के जरिए निवेशकों को मध्य प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
समिट का सबसे अहम पहलू पारस सेमीकंडक्टर्स की ओर से दिया गया करीब 6200 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव है। कंपनी प्रदेश में सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग इकाई स्थापित करने की योजना के तहत यह प्रस्ताव लेकर आई है। यदि परियोजना आगे बढ़ती है तो इससे प्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़ी गतिविधियों को गति मिल सकती है। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन और संबंधित औद्योगिक क्षेत्रों के लिए नए अवसर पैदा होने की संभावना भी रहेगी। हालांकि प्रस्तावित निवेश को वास्तविक परियोजना में बदलने के लिए आगे की प्रक्रिया और फैसले महत्वपूर्ण होंगे।
दो दिवसीय समिट में चिप डिजाइन से लेकर सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग तक कई अहम विषयों पर विचार-विमर्श होगा। एडवांस पैकेजिंग और टेस्टिंग इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अनुसंधान और तकनीकी नवाचार जैसे मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रहेंगे। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ निवेशक विशेषज्ञ शिक्षाविद और स्टार्टअप से जुड़े लोग इसमें हिस्सा लेंगे। इन चर्चाओं का उद्देश्य उद्योग की जरूरतों को समझना और प्रदेश में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विकास के लिए संभावित रास्ते तलाशना है।
समिट में लगने वाली प्रदर्शनी भी निवेश और कारोबारी साझेदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसमें 50 से अधिक कंपनियां चिप डिजाइन पैकेजिंग और टेस्टिंग उपकरण तकनीकी सामग्री तथा इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण से संबंधित उत्पादों और क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगी। इससे कंपनियों को संभावित निवेशकों और कारोबारी साझेदारों के साथ सीधे संपर्क स्थापित करने का अवसर मिलेगा। तकनीकी समाधान प्रदर्शित करने के साथ यह मंच उद्योग की जरूरतों और उपलब्ध क्षमताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद कर सकता है।
राज्य सरकार सेमीकंडक्टर नीति 2025 के तहत इस क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने पर जोर दे रही है। समिट के दौरान पैनल चर्चाओं और राउंडटेबल बैठकों में निवेश आकर्षित करने तकनीकी विशेषज्ञ तैयार करने और मजबूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने के उपायों पर मंथन होगा। इस उद्योग के विस्तार के लिए केवल निवेश ही नहीं बल्कि कुशल मानव संसाधन अनुसंधान और आधुनिक तकनीकी सुविधाएं भी जरूरी हैं। ऐसे में इंदौर में होने वाली यह समिट मध्य प्रदेश की औद्योगिक रणनीति के लिहाज से अहम अवसर है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि चर्चाओं और निवेश प्रस्तावों से प्रदेश को कितने ठोस औद्योगिक अवसर मिलते हैं।
