October 23, 2026

एक्टर से प्रोड्यूसर बनीं श्वेता त्रिपाठी, बर्लिन के बाद टोरंटो में भी दिखाई जाएगी फिल्म और अब दर्शकों तक पहुंचने पर नजर

0
untitled-1792741627

नई दिल्ली। एक्ट्रेस श्वेता त्रिपाठी इन दिनों अपनी फिल्म मुझे जान ना कहो मेरी जान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। बतौर प्रोड्यूसर उनकी पहली फीचर फिल्म ने इस साल की शुरुआत में बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल से अपना सफर शुरू किया था और अब यह टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल यानी टीआईएफएफ 2026 तक पहुंच गई है। श्वेता के लिए यह सफर इसलिए भी खास है क्योंकि इसने उन्हें फिल्म निर्माण और कहानी कहने की प्रक्रिया को एक नए नजरिए से समझने का मौका दिया है।

श्वेता त्रिपाठी का कहना है कि प्रोड्यूसर बनने के बाद फिल्मों को देखने और उनके भविष्य के बारे में सोचने का उनका नजरिया बदल गया है। पहले एक एक्टर के रूप में उनका ध्यान मुख्य रूप से किरदार और कहानी को पर्दे पर जीवंत करने पर रहता था। लेकिन अब वह इस बात पर भी विचार करती हैं कि फिल्म बनने के बाद उसका सफर किस दिशा में जाएगा और वह किन दर्शकों तक पहुंचेगी। उनके लिए फिल्म बनाना केवल शूटिंग और अभिनय तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि यह समझना भी जरूरी हो गया है कि कहानी लोगों के बीच किस तरह की बातचीत शुरू कर सकती है।

श्वेता के मुताबिक जिस फिल्म पर आप भरोसा करते हैं उसे किसी अंतरराष्ट्रीय मंच तक लेकर जाना अपने आप में एक महत्वपूर्ण अनुभव है। खासकर तब जब वह बतौर प्रोड्यूसर आपकी पहली फीचर फिल्म हो। बर्लिन से टोरंटो तक का सफर उनके लिए सीखने और नई संभावनाओं को समझने का अवसर रहा है। इन फिल्म समारोहों के जरिए उन्हें अपनी फिल्म को अलग-अलग लोगों के सामने पेश करने और इसके लिए नए रास्ते तलाशने का मौका मिल रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रोड्यूसर की भूमिका में आने के बाद कहानी कहने की जिम्मेदारी को वह पहले से ज्यादा व्यापक रूप में देखने लगी हैं। एक अभिनेता के तौर पर किसी किरदार की भावनाओं और उसके अनुभवों को समझना जरूरी होता है। वहीं प्रोड्यूसर के रूप में फिल्म के निर्माण से लेकर उसके दर्शकों तक पहुंचने की संभावनाओं पर भी ध्यान देना पड़ता है। इसमें ऐसे लोगों से जुड़ना भी शामिल है जो फिल्म के सफर को आगे बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। श्वेता मानती हैं कि अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल और मार्केट इस तरह के अवसर उपलब्ध कराते हैं जहां फिल्मकारों और उद्योग से जुड़े लोगों के बीच नए सहयोग की संभावनाएं बन सकती हैं।

नेशनल अवॉर्ड जीत चुके फिल्ममेकर संजय नाग के निर्देशन में बनी मुझे जान ना कहो मेरी जान में तिलोत्तमा शोम और श्वेता त्रिपाठी नजर आएंगी। यह एक क्वीर लव स्टोरी है जिसमें प्यार और इंसानी रिश्तों को संवेदनशीलता और बारीकी के साथ दिखाने की कोशिश की गई है। फिल्म की कहानी रिश्तों के उन पहलुओं को सामने लाने का प्रयास करती है जिन्हें समझने के लिए भावनाओं और मानवीय अनुभवों को करीब से देखना जरूरी है।

श्वेता त्रिपाठी का बतौर प्रोड्यूसर सफर थिएटर से शुरू हुआ था। साल 2010 में उन्होंने अपनी थिएटर प्रोडक्शन कंपनी ऑलमाइटी की शुरुआत की थी। उनकी शुरुआती प्रस्तुतियों में ब्रिटिश नाटककार माइक बार्टलेट का क्वीर ड्रामा कॉक भी शामिल था। माइक बार्टलेट ओलिवियर अवॉर्ड जीत चुके हैं। थिएटर से शुरू हुआ श्वेता का यह सफर अब अंतरराष्ट्रीय फिल्म मंचों तक पहुंच चुका है। उनकी पहली फीचर फिल्म का बर्लिन से टोरंटो तक पहुंचना उनके लिए एक अहम पड़ाव है और अब उनकी नजर इस बात पर है कि फिल्म आगे कितने दर्शकों तक पहुंचती है और किस तरह की चर्चा को जन्म देती है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *