July 20, 2026

इंस्टाग्राम की लव स्टोरी पहुंची कोर्ट, कैंसर पीड़ित पति की शिकायत पर पत्नी के खिलाफ वारंट

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रतलाम । रतलाम में सोशल मीडिया से शुरू हुई एक प्रेम कहानी अब कानूनी विवाद का बड़ा मामला बन गई है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे युवक ने अपनी पत्नी पर बिना कानूनी तलाक लिए दूसरी शादी करने का आरोप लगाया है। मामले में न्यायालय ने प्रथम दृष्टया उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 82(1) के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। अदालत ने आरोपी महिला को 25 जुलाई 2026 को पेश होने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार रतलाम की राजस्व कॉलोनी निवासी आकाश जाट की मुलाकात इंस्टाग्राम के माध्यम से साक्षी नकुम से हुई थी। दोनों के बीच करीब छह महीने तक बातचीत चली और फिर परिवारों की सहमति के बाद 20 नवंबर 2022 को इंदौर के आर्य समाज मंदिर में विवाह किया गया। इसके बाद 13 दिसंबर 2022 को रतलाम में सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ दोबारा विवाह संपन्न हुआ। शुरुआती दिनों में दोनों का वैवाहिक जीवन सामान्य रहा लेकिन शादी के कुछ ही महीनों बाद परिस्थितियां पूरी तरह बदल गईं।

आकाश के अनुसार अप्रैल 2023 में उनकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें सांस की नली का कैंसर होने की पुष्टि की। बीमारी का पता चलते ही पत्नी का व्यवहार बदल गया और उसने साथ निभाने के बजाय दूरी बनानी शुरू कर दी। आकाश का आरोप है कि पत्नी ने यह तक कहा कि यदि उनकी मृत्यु हो गई तो उसका भविष्य क्या होगा। इसी दौरान उसने महिला थाने में मारपीट की शिकायत भी दर्ज कराई, हालांकि मेडिकल दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में पत्नी ने फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दायर कर दी।

इसी बीच विवाद तब और गहरा गया जब तलाक का मामला अदालत में लंबित रहने के बावजूद महिला ने 10 जून 2024 को छतरपुर निवासी युवक से दूसरी शादी कर ली। इस विवाह से एक बेटी भी होने की बात सामने आई है। जब आकाश को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाकर अदालत का दरवाजा खटखटाया।

इस मामले में फैमिली कोर्ट ने 18 अप्रैल 2026 को महिला की तलाक याचिका खारिज कर दी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पत्नी के लगाए गए कई आरोप उपलब्ध रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते। न्यायालय ने यह भी माना कि जब पति गंभीर बीमारी से जूझ रहा था तब उसके खिलाफ लगाए गए कुछ आरोप परिस्थितियों के अनुरूप प्रतीत नहीं होते।

इसके बाद आकाश ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) अदालत में आपराधिक परिवाद दायर किया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर महिला के खिलाफ बिना वैध तलाक दूसरी शादी करने के आरोप में मामला दर्ज किया। कई बार समन जारी होने के बावजूद अदालत में पेश नहीं होने पर न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।

आकाश की व्यक्तिगत जिंदगी भी लगातार मुश्किलों से घिरी रही। कैंसर से उपचार के दौरान पहले पिता और फिर मां का निधन हो गया। अब वे अकेले रह रहे हैं और उनके इलाज तथा अन्य जरूरतों में दोस्त मदद कर रहे हैं। उनके अधिवक्ता भी बिना फीस लिए मुकदमा लड़ रहे हैं। आकाश का कहना है कि उन्हें अब न्यायपालिका से ही इंसाफ मिलने की उम्मीद है। वहीं मामले में आगे की सुनवाई 25 जुलाई को निर्धारित की गई है।

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