मध्य प्रदेश में अब तक सामान्य से 2.3 इंच कम हुई बारिश, 26 सितंबर तक तेज बारिश के आसार, आज भी अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ अवदाब आगे बढ़ते हुए महत्वपूर्ण मौसमी सिस्टम का रूप ले रहा है। इसके और मजबूत होने की संभावना है। इसके प्रभाव से ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ नमी का परिवहन, वायुमंडलीय परिसंचरण और अन्य मौसमी परिस्थितियां मध्यप्रदेश में बारिश को प्रभावित करेंगी।
छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में आज भारी बारिश
IMD के अनुसार बुधवार को छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना है।
33 जिलों में पहले ही बरस चुका पानी
सोमवार और मंगलवार को प्रदेश के 33 जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई। इनमें भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, सीहोर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आलीराजपुर, शाजापुर, देवास, खंडवा, रीवा, सिंगरौली, सीधी, सतना, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी, नर्मदापुरम और बैतूल शामिल हैं।
सागर के देवरी में सबसे ज्यादा 2.4 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के 100 से ज्यादा शहरों और कस्बों में बारिश हुई।
26 सितंबर तक जारी रह सकता है दौर
मौसम विशेषज्ञ नायक के अनुसार बंगाल की खाड़ी से बनने वाले सिस्टम जैसे-जैसे आगे बढ़ेंगे, उनके साथ आने वाली नमी और वायुमंडलीय परिसंचरण मध्य भारत में बारिश की गतिविधियों को प्रभावित करेंगे। इसी वजह से 26 सितंबर तक प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश होने के आसार हैं।
23 और 24 सितंबर को भी कुछ जिलों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि 25 और 26 सितंबर को कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। बारिश का यह दौर प्रदेश के मौजूदा वर्षा घाटे को कम कर सकता है।
सामान्य से 2.3 इंच कम बारिश
IMD के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 869.3 मिमी यानी 34.2 इंच बारिश हुई है। इस अवधि तक सामान्य बारिश 927.5 मिमी यानी 36.5 इंच होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश सामान्य से 2.3 इंच पीछे है। ओवरऑल बारिश सामान्य से 6% कम है। पूर्वी हिस्से में 2% और पश्चिमी हिस्से में 10% बारिश कम हुई है।
पूर्वी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा सामान्य से करीब 2% तक कम है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 22% तक कम बारिश हुई है। हालांकि, पिछले एक सप्ताह में स्थिति में काफी सुधार हुआ है। मंगलवार को प्रदेश का कुल बारिश का अंतर माइनस 2% तक पहुंच गया था।
पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में ज्यादा कमी
पश्चिमी मध्यप्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 7% से 49% तक कम बारिश दर्ज की गई है। स्रोत सूची में खंडवा का नाम दो बार दर्ज है।
इन 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के 23 जिलों में अब तक सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।
आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी के सिस्टम का असर बढ़ने के साथ प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। 26 सितंबर तक चलने वाले इस दौर से प्रदेश के कुल बारिश के आंकड़े में और सुधार होने की उम्मीद है।
