September 16, 2026

PM मोदी से मिले असगर अली तो कुछ ही दिनों में बदली तस्वीर: 15 साल पुराने जमीन विवाद में आया नया मोड़

0
untitled-1789536647

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के कुछ दिनों बाद मुंबई के पास रहने वाले 81 वर्षीय असगर अली वोरा के करीब 15 साल पुराने जमीन विवाद में नया मोड़ सामने आया है। असगर अली वोरा ने अपनी जमीन पर कब्जे का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि भायंदर ईस्ट के नवघर इलाके में स्थित उनकी जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। अब इस मामले में भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने विवादित जमीन का कब्जा छोड़ने और जमीन से जुड़ी निर्माण अनुमति वापस करने की बात कही है। इसके साथ ही उन्होंने असगर अली वोरा के खिलाफ पहले दर्ज कराई गई शिकायत वापस लेने की जानकारी भी दी है।

असगर अली वोरा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात 8 सितंबर को हुई थी। दोनों गुजरात के वडनगर स्थित बीएन स्कूल में साथ पढ़ चुके हैं। मुलाकात के दौरान वोरा ने प्रधानमंत्री के सामने अपनी जमीन से जुड़े पुराने विवाद को रखा था। उन्होंने बताया था कि उन्होंने वर्ष 1989 में करीब 2810 वर्ग मीटर जमीन खरीदी थी। उनके अनुसार वर्ष 2011 में इस जमीन पर कब्जे का विवाद शुरू हुआ था। वोरा का आरोप था कि स्वयम् बिल्डर्स और सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शंस से जुड़े लोगों ने जमीन पर कब्जा कर लिया था।

वोरा का कहना था कि वह लंबे समय से इस मामले को लेकर अलग अलग सरकारी विभागों के चक्कर लगा रहे थे। करीब 15 वर्षों तक मामला अधिकारियों के सामने उठाने के बावजूद उन्हें समाधान नहीं मिला। इसी बीच प्रधानमंत्री से मुलाकात हुई और उन्होंने अपनी समस्या सीधे उनके सामने रखी। मुलाकात के बाद वोरा ने सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने की बात कही थी।

मामला सामने आने के बाद महाराष्ट्र मंत्रालय में भी इस विवाद को लेकर बैठक हुई। मंगलवार को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्रीकर परदेशी की अध्यक्षता में अधिकारियों और दोनों पक्षों के बीच बैठक हुई। बैठक में असगर अली वोरा और नरेंद्र मेहता के साथ मीरा भायंदर नगर निगम के नगर आयुक्त राधा बिनोद शर्मा और टाउन प्लानर पुरुषोत्तम शिंदे भी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान नरेंद्र मेहता ने टाउन प्लानिंग विभाग को एक पत्र सौंपा। इसमें उन्होंने विवादित जमीन का कब्जा छोड़ने और प्लॉट के लिए मिली निर्माण अनुमति को सरेंडर करने की बात कही। मेहता के अनुसार उन्होंने यह जमीन वर्ष 2019 में मर्विन फर्नांडिस से खरीदी थी। जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा था।

इस मामले में भाजपा विधायक ने पुलिस कमिश्नर को भी अलग पत्र दिया है। इसमें उन्होंने असगर अली वोरा के खिलाफ पहले की गई शिकायत वापस लेने की जानकारी दी। मेहता ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। इस घटनाक्रम के बाद करीब डेढ़ दशक से जमीन विवाद को लेकर संघर्ष कर रहे असगर अली वोरा को राहत मिलने की उम्मीद बनी है।

अब इस पूरे मामले में आगे की प्रक्रिया जमीन के कब्जे और निर्माण अनुमति से जुड़े प्रशासनिक कदमों पर निर्भर करेगी। प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद विवाद में आए इस बदलाव ने मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *