MP में शिक्षक भर्ती के बाद अब पदस्थापना की बारी! 7 हजार वर्ग-3 शिक्षकों को मिलेगा स्कूल, वर्ग-2 की वेटिंग काउंसलिंग भी शुरू
दरअसल वर्ग-3 के चयनित शिक्षकों की पदस्थापना पहले 15 अगस्त तक पूरी करने की तैयारी थी। लेकिन चयनित अभ्यर्थियों के सामने पदस्थापना स्थल को लेकर कई तरह की दिक्कतें सामने आईं। खासतौर पर कुछ शिक्षकों को आवंटित होने वाले स्कूलों और उनकी पसंद के स्थान के बीच दूरी को लेकर स्थिति बनी। इसी दौरान विभाग ने पहली बार चयनित शिक्षकों को म्यूचुअल ट्रांसफर का विकल्प उपलब्ध कराया। इस सुविधा के तहत इच्छुक शिक्षक आपस में संपर्क कर स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकते थे। करीब 400 चयनित शिक्षकों ने इस सुविधा का लाभ उठाया। इसी प्रक्रिया के चलते शाला आवंटन में कुछ समय की देरी हुई लेकिन अब विभाग ने इसे आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह के मुताबिक वर्ग-3 में करीब 7 हजार चयनित शिक्षकों की पदस्थापना की जानी है। स्कूलों का आवंटन होने के बाद शिक्षकों को संबंधित संस्था में कार्यभार ग्रहण करना होगा। इसके लिए उन्हें एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। यानी शाला आवंटन के बाद चयनित शिक्षकों के सामने अब जॉइनिंग की प्रक्रिया पूरी करने की जिम्मेदारी होगी। विभाग की कोशिश है कि पदस्थापना की प्रक्रिया जल्द पूरी हो ताकि स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाई जा सके और विद्यार्थियों की पढ़ाई को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके।
इसी दिन वर्ग-2 के चयनित शिक्षकों के लिए भी महत्वपूर्ण प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग वर्ग-2 की वेटिंग काउंसलिंग के दूसरे चरण की शुरुआत सोमवार से करेगा। इसमें प्रतीक्षा सूची में शामिल अभ्यर्थियों को उपलब्ध रिक्त पदों के आधार पर स्कूल आवंटित किए जाएंगे। इससे उन उम्मीदवारों को भी मौका मिलने की उम्मीद है जो मुख्य चयन प्रक्रिया में स्थान नहीं पा सके थे लेकिन प्रतीक्षा सूची में शामिल हैं।
विभाग की योजना वर्ग-3 के चयनित शिक्षकों की जॉइनिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसी श्रेणी में वेटिंग काउंसलिंग शुरू करने की भी है। इससे रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया और आगे बढ़ेगी। यानी आने वाले समय में वर्ग-3 के चयनित अभ्यर्थियों की प्रतीक्षा सूची से भी नियुक्ति के अवसर खुल सकते हैं।
वहीं वर्ग-1 के चयनित शिक्षकों की पदस्थापना का मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह के अनुसार इस मामले में सितंबर के पहले सप्ताह में फैसला आने की संभावना है। कोर्ट के निर्णय के बाद वर्ग-1 के चयनित शिक्षकों की रुकी हुई पदस्थापना प्रक्रिया को भी तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी है। ऐसे में सोमवार से शुरू होने वाली वर्ग-3 की शाला आवंटन प्रक्रिया हजारों चयनित शिक्षकों के लिए लंबे इंतजार के बाद राहत लेकर आने वाली है।
