MP News: 3,357 कर्मचारियों की पदोन्नति, 44 आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति, अगले साल 1 लाख भर्तियों का लक्ष्य
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के रवींद्र भवन में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के पदोन्नत शासकीय सेवकों द्वारा आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम में कर्मचारियों और उनके परिवारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी दी। इस दौरान विभिन्न विभागों के 44 दिवंगत शासकीय सेवकों के आश्रित सदस्यों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों की पदोन्नति केवल उनके लिए खुशी का विषय नहीं है, बल्कि सरकार के लिए भी संतोष की बात है कि वह अपने अधिकारी-कर्मचारियों के हितों की चिंता कर रही है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, कुल 3,357 शासकीय सेवकों को पदोन्नति मिली है। इनमें 1,725 अधिकारी-कर्मचारी, कृषि विपणन बोर्ड के 1,439 कर्मचारी और कृषि अभियांत्रिकी के 139 कर्मचारी शामिल हैं। उन्होंने सभी पदोन्नत शासकीय सेवकों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ-साथ उन परिवारों की भी चिंता कर रही है, जिन्होंने असमय अपने किसी स्वजन को खोया है। इसी क्रम में अब तक करीब 300 अनुकंपा प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है और 44 युवाओं को सहायक वर्ग-3 के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जा रही है।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े बाकी लंबित प्रकरणों का भी जल्द निराकरण किया जाए और इन्हें शून्य लंबित मामलों की स्थिति तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि असमय अपने लोगों को खोने वाले परिवारों के दर्द को समझना जरूरी है। इसी संवेदनशीलता के साथ सरकार और संबंधित विभाग इन परिवारों के साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हर विभाग में कर्मचारियों की समय पर पदोन्नति और अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
रोजगार को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष मंडियों में 600 उपनिरीक्षकों सहित 1,500 से अधिक पदों पर नई भर्तियां की जाएंगी। उन्होंने बताया कि अब तक 85,000 नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। इसके साथ ही अगले वर्ष 1 लाख भर्तियों का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पदोन्नति, अनुकंपा नियुक्ति और नई भर्ती की प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर सरकार का जोर है, ताकि कर्मचारियों से जुड़े मामलों का निपटारा समय पर हो सके और विभागों में आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध रहे।
