October 15, 2026

आंगनवाड़ी केंद्रों में लापरवाही पर गिरी गाज, पांच कर्मचारियों की सेवा समाप्त, औचक निरीक्षण में सामने आईं खामियां

0
untitled-1792054106

मऊगंज । मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन में कथित अनियमितताओं को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। नईगढ़ी परियोजना क्षेत्र में तीन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और दो सहायिकाओं सहित कुल पांच कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इन कर्मचारियों के खिलाफ लंबे समय से अनधिकृत अनुपस्थिति और केंद्रों का नियमित संचालन नहीं करने जैसी शिकायतें मिल रही थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने औचक निरीक्षण कराया और संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा। अधिकारियों का कहना है कि जवाब संतोषजनक नहीं मिलने और कार्यप्रणाली में अपेक्षित सुधार नहीं होने के बाद नियमानुसार सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई है।

जानकारी के अनुसार आंगनवाड़ी केंद्रों में कर्मचारियों की अनुपस्थिति और निर्धारित समय पर केंद्र नहीं खुलने की शिकायतें सामने आ रही थीं। इसके अलावा कुछ कर्मचारियों के मुख्यालय पर निवास नहीं करने और अपने पद से जुड़े दायित्वों का ठीक से निर्वहन नहीं करने के आरोप भी थे। इन शिकायतों को लेकर जनहित में मुद्दा उठाए जाने के बाद प्रशासन ने निगरानी और निरीक्षण की प्रक्रिया तेज की। कलेक्टर के निर्देश और जिला कार्यक्रम अधिकारी के मार्गदर्शन में नईगढ़ी परियोजना के अधिकारियों ने मैदानी स्तर पर केंद्रों की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कुछ केंद्रों के निर्धारित समय पर नहीं खुलने की बात सामने आई। इससे बच्चों और महिलाओं को मिलने वाली सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका जताई गई।

नईगढ़ी परियोजना अधिकारी रविशंकर पांडेय ने विभागीय कार्रवाई के तहत पांच कर्मचारियों की सेवा समाप्ति के आदेश जारी किए। इनमें जुड़मनिया रघुनाथ केंद्र की कार्यकर्ता भारती पटेल और सुअरहा केंद्र की कार्यकर्ता सुशीला उपाध्याय शामिल हैं। इसके अलावा मैर मुहल्ला भटिगवां केंद्र की कार्यकर्ता आरती कारपेंटर की सेवा समाप्त की गई है। छुहिया केंद्र की सहायिका आशा मिश्रा और पहरखा-2 केंद्र की सहायिका गीता मिश्रा शुक्ला पर भी कार्रवाई की गई है। विभाग की ओर से यह कदम संबंधित शिकायतों और कार्रवाई की प्रक्रिया के बाद उठाया गया है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी आशीष द्विवेदी ने बताया कि इन कर्मचारियों के विरुद्ध बिना विधिवत सूचना के अनुपस्थित रहने और आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन नहीं करने की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। उनके मुताबिक परियोजना कार्यालय की ओर से समय-समय पर मौखिक और लिखित निर्देश दिए गए थे। पर्यवेक्षकों ने आकस्मिक निरीक्षण भी किए और नियमों के तहत कारण बताओ नोटिस जारी कर संबंधित कर्मचारियों से जवाब मांगा गया था। विभाग के अनुसार प्राप्त स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए गए और कार्यप्रणाली में अपेक्षित सुधार भी नहीं हुआ। इसके बाद नियुक्ति आदेश की शर्तों और शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार सेवा समाप्ति का निर्णय लिया गया।

आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों को पूरक पोषण और प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ गर्भवती तथा धात्री महिलाओं तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में केंद्रों का समय पर खुलना और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति जरूरी है। कर्मचारियों की अनुपस्थिति या केंद्रों के बंद रहने से उन परिवारों को परेशानी हो सकती है जो इन सेवाओं पर निर्भर हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। वहीं स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने मऊगंज तथा हनुमना परियोजना क्षेत्रों में भी इसी तरह जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि केंद्रों के संचालन और पोषण आहार वितरण से जुड़ी शिकायतों की भी नियमित जांच होनी चाहिए। विभाग की इस कार्रवाई के बाद अब अन्य केंद्रों की निगरानी और व्यवस्था में सुधार पर भी नजर रहेगी।


0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *