शिवपुरी में स्वामित्व योजना के काम में लापरवाही पर कलेक्टर नाराज, खुद खड़े होकर करवाई ग्रामीणों की केवाईसी
कलेक्टर ने गांवों में पहुंचकर स्वामित्व योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछा कि ग्रामीणों से संबंधित प्रक्रियाएं किस स्तर पर पूरी हुई हैं और किन कारणों से काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य योजना के क्रियान्वयन में आ रही कमियों को समझना और लंबित कार्यों को समय पर पूरा कराना था।
निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत राजा की मुड़ेरी का भी उल्लेख किया गया। यहां स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री निष्पादन कार्यों की स्थिति का जायजा लिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कलेक्टर ने ग्राम पंचायत सिरसौद में भी योजना से जुड़े रजिस्ट्री निष्पादन कार्यों का निरीक्षण किया। दोनों स्थानों पर कार्यों की प्रगति को लेकर प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा की गई।
राजा की मुड़ेरी में काम की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलने पर कलेक्टर ने असंतोष जताया। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। ग्रामीणों को सरकारी प्रक्रिया के लिए अनावश्यक रूप से इंतजार न करना पड़े, इसके लिए मैदानी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने की जरूरत बताई गई।
इस दौरान पटवारी की कार्यप्रणाली को लेकर भी कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने मौके पर ही कर्मचारी से जवाब-तलब किया और काम में ढिलाई नहीं बरतने की हिदायत दी। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर के खुद खड़े होकर केवाईसी प्रक्रिया करवाने की बात भी सामने आई। इससे मौके पर मौजूद कर्मचारियों को योजना के काम में तेजी लाने का संदेश दिया गया। प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि केवल कागजी प्रगति पर्याप्त नहीं है, बल्कि गांवों में पात्र लोगों से जुड़ी प्रक्रियाएं वास्तविक रूप से पूरी होनी चाहिए।
स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में संपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार करना और संबंधित लोगों को उनके अधिकारों से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है। इसके तहत संपत्ति संबंधी जानकारी का सत्यापन और जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं। केवाईसी भी इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे संबंधित हितग्राही की पहचान और रिकॉर्ड का मिलान किया जा सके।
मुख्यमंत्री की समीक्षा के बाद कलेक्टर का ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर निरीक्षण करना इस बात का संकेत है कि जिला प्रशासन योजना की प्रगति को लेकर गंभीर है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि लंबित कामों को गति दी जाए और संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। हालांकि, निरीक्षण के दौरान कितने लोगों की केवाईसी पूरी हुई और कितनी रजिस्ट्रियों का निष्पादन बाकी है, इसकी विस्तृत संख्या उपलब्ध जानकारी में नहीं बताई गई है।
जिले में अब प्रशासनिक निगरानी के साथ यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निरीक्षण के बाद स्वामित्व योजना के काम में कितनी तेजी आती है। ग्रामीणों को समय पर लाभ पहुंचाने के लिए राजस्व विभाग के मैदानी कर्मचारियों की सक्रियता और विभागीय समन्वय अहम भूमिका निभाएंगे।
