July 21, 2026

बाबा महाकाल को चढ़े दुनिया के सबसे महंगे आम, 2.70 लाख रुपए किलो वाला मियाज़ाकी भी भोग में शामिल

0
untitled-1784631778

उज्जैन । श्रावण मास में उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आस्था का एक अनोखा और आकर्षक दृश्य देखने को मिला। जबलपुर निवासी एवं महाकाल हाइब्रिड फार्म के संचालक संकल्प सिंह परिहार अपनी पत्नी रानी सिंह परिहार के साथ बाबा महाकाल के दरबार पहुंचे और उन्होंने भगवान को दुनिया की सबसे दुर्लभ तथा महंगी किस्मों के आम भोग स्वरूप अर्पित किए। इस बार भोग में कुल आठ विदेशी और प्रीमियम वैरायटी के आम शामिल रहे, जिनमें जापान का चर्चित मियाज़ाकी आम सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बना।

संकल्प सिंह परिहार और उनकी पत्नी ने विधि-विधान से भगवान महाकाल की पूजा-अर्चना करने के बाद लगभग पांच किलोग्राम वजन के आठ अलग-अलग प्रीमियम आम अर्पित किए। श्रद्धालुओं के अनुसार यह परंपरा पिछले 12 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है। वर्ष 2014 से वे अपने बगीचे की पहली और सबसे श्रेष्ठ उपज सबसे पहले बाबा महाकाल को समर्पित करते हैं। उनका मानना है कि उनके 12 एकड़ में फैले महाकाल हाइब्रिड फार्म की सफलता बाबा महाकाल के आशीर्वाद का ही परिणाम है।

इस बार चढ़ाए गए आमों में सबसे खास जापान के मियाज़ाकी प्रांत में उगाई जाने वाली प्रसिद्ध किस्म मियाज़ाकी रही। इसे दुनिया के सबसे महंगे आमों में गिना जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 2.70 लाख रुपए प्रति किलोग्राम तक बताई जाती है। यह आम अपने गहरे लाल रंग, बेहतरीन मिठास, सुगंध और पोषण गुणों के कारण पूरी दुनिया में बेहद लोकप्रिय है। इसमें सामान्य आमों की तुलना में अधिक प्राकृतिक शर्करा, एंटीऑक्सीडेंट, बीटा-कैरोटीन और फोलिक एसिड पाया जाता है, जो इसे बेहद खास बनाता है।

मियाज़ाकी के अलावा भोग में ऑस्ट्रेलिया की R2E2, अमेरिका, मलेशिया और भारत की प्रीमियम किस्मों के आम भी शामिल रहे। इनमें भारत की लोकप्रिय मल्लिका वैरायटी भी प्रमुख रही। सभी आमों का चयन विशेष रूप से उनके स्वाद, गुणवत्ता और दुर्लभता को ध्यान में रखकर किया गया।

रानी सिंह परिहार ने बताया कि उनके लिए यह केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि गहरी आस्था का विषय है। उन्होंने कहा कि उनके फार्म का नाम भी महाकाल हाइब्रिड फार्म है और वे बाबा महाकाल को ही अपने बगीचे का वास्तविक स्वामी मानते हैं। इसी कारण हर वर्ष श्रावण मास में पहली और सबसे अच्छी फसल भगवान को अर्पित की जाती है। उनका विश्वास है कि महाकाल के आशीर्वाद से ही उनका बगीचा निरंतर प्रगति कर रहा है।

श्रावण मास में बाबा महाकाल के दरबार में देश-विदेश से श्रद्धालु अपनी-अपनी श्रद्धा के अनुसार विशेष भेंट लेकर पहुंचते हैं। इस बार दुनिया के सबसे महंगे आमों का भोग चर्चा का विषय बन गया। मंदिर में दर्शन करने आए श्रद्धालुओं ने भी इस अनोखी भेंट को आस्था और भक्ति का प्रतीक बताया।

श्रावण के पावन अवसर पर महाकाल के चरणों में समर्पित यह विशेष भोग एक बार फिर यह संदेश देता है कि सच्ची श्रद्धा में भेंट का मूल्य नहीं, बल्कि भाव का महत्व सबसे बड़ा होता है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *