September 26, 2026

MP में बारिश का दौर जारी, आज 19 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी

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भोपाल। मध्यप्रदेश में बारिश का दौर एक बार फिर उत्तर की ओर बढ़ गया है। पूर्वी हिस्से में लंबे समय तक सक्रिय रहे मानसूनी सिस्टम का असर अब ग्वालियर-चंबल के साथ सागर और उज्जैन संभाग में ज्यादा दिखाई देगा। मौसम विभाग ने शनिवार को 19 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। श्योपुर और शिवपुरी के लिए ऑरेंज अलर्ट है। लगातार बारिश और कई इलाकों में बने बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए 7 जिलों में स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

शनिवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, सागर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा और मंदसौर में भी भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से तेज बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

7 जिलों में बच्चों की छुट्टी

बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए 5 सितंबर को श्योपुर, शिवपुरी, गुना, मुरैना, भिंड, ग्वालियर और रायसेन में स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। मुरैना में स्कूलों के साथ आंगनवाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे। श्योपुर और गुना में नर्सरी से 12वीं तक के विद्यार्थियों का अवकाश रहेगा, जबकि भिंड और ग्वालियर में नर्सरी से 8वीं तक की कक्षाएं नहीं लगेंगी। शिवपुरी में सभी शैक्षणिक संस्थान और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। रायसेन में सरकारी और निजी दोनों स्कूलों के लिए छुट्टी घोषित की गई है।

6 सितंबर तक सिस्टम का असर

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बारिश कराने वाला सिस्टम 6 सितंबर को भी सक्रिय रहेगा। इसके बाद 7 और 8 सितंबर को भी कुछ इलाकों में तेज बारिश की संभावना है। हालांकि, इंदौर में इस दौरान तेज बारिश की संभावना कम है।

MP में 762.7 मिमी पानी बरसा

मौसम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक 762.7 मिमी यानी करीब 30 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक 816 मिमी यानी 32.1 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश में कुल बारिश अभी भी सामान्य से 7% कम है।

बारिश के आंकड़ों में क्षेत्रीय अंतर भी साफ नजर आ रहा है। पूर्वी मध्यप्रदेश में अब सामान्य से 3% ज्यादा पानी गिर चुका है, जबकि पश्चिमी हिस्से में बारिश का आंकड़ा औसत से 15% कम है।

बाढ़ से सुधरे पूर्वी हिस्से के आंकड़े

पूर्वी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा करीब 1% तक कम है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 4% से 23% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

हालांकि पिछले एक सप्ताह की लगातार बारिश ने इस अंतर को काफी कम किया है। पूर्वी हिस्से के कई जिलों में इसी दौरान बाढ़ जैसे हालात बने हैं। इसका असर बारिश के आंकड़ों पर भी पड़ा और सीजन में पहली बार यह क्षेत्र सामान्य बारिश से आगे निकल गया।

पश्चिमी MP के 22 जिलों में बारिश की कमी

पश्चिमी हिस्से में स्थिति इसके उलट है। आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 5% से 54% तक कम बारिश हुई है।

इन 24 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी

प्रदेश के 24 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से ऊपर पहुंच चुका है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।

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