September 23, 2026

ग्राम रोजगार सहायकों के अनुबंध में बड़ा बदलाव: अब खुद ही सचिव बनकर खुद से नहीं कर सकेंगे एग्रीमेंट, APO संभालेगा जिम्मेदारी

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भोपाल । मध्य प्रदेश की ग्राम पंचायतों में कार्यरत हजारों ग्राम रोजगार सहायकों के संविदा अनुबंध को लेकर व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। प्रदेश की 23 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में काम कर रहे ग्राम रोजगार सहायकों के एग्रीमेंट की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रशासनिक रूप से व्यवस्थित बनाने के लिए मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद ने नए निर्देश जारी किए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब ऐसी ग्राम पंचायतों में जहां पंचायत सचिव का पद रिक्त है या सचिव पदस्थ नहीं है अथवा ग्राम रोजगार सहायक को ही सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है वहां ग्राम रोजगार सहायक अपना संविदा अनुबंध स्वयं के साथ नहीं कर सकेगा। ऐसी स्थिति में एग्रीमेंट की जिम्मेदारी जनपद पंचायत स्तर पर पदस्थ अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी APO मनरेगा को सौंपी जाएगी।

दरअसल सामान्य परिस्थितियों में ग्राम रोजगार सहायक का संविदा अनुबंध पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सहायक के बीच किया जाता है। लेकिन प्रदेश की कई ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिव के पद रिक्त हैं। कुछ स्थानों पर सचिव उपलब्ध नहीं हैं जबकि कई पंचायतों में ग्राम रोजगार सहायक को ही पंचायत सचिव का प्रभार सौंप दिया गया है। ऐसी स्थिति में एक प्रशासनिक और कानूनी विसंगति सामने आ रही थी क्योंकि जिस कर्मचारी को सचिव का प्रभार मिला हुआ था उसी को ग्राम रोजगार सहायक के रूप में अपना संविदा अनुबंध भी करना पड़ रहा था। यानी एक तरह से कर्मचारी खुद ही एक पद की जिम्मेदारी निभाते हुए स्वयं के साथ अनुबंध की प्रक्रिया पूरी कर रहा था।

इस तरह की शिकायतें और प्रशासनिक विसंगतियां परिषद के संज्ञान में आने के बाद अब व्यवस्था को बदलने का निर्णय लिया गया है। मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद ने स्पष्ट किया है कि किसी कर्मचारी द्वारा स्वयं के साथ संविदा अनुबंध करना प्रशासनिक और विधिक दृष्टि से उचित नहीं माना जा सकता। इसी कारण अब ऐसी परिस्थितियों के लिए अलग व्यवस्था तय की गई है ताकि अनुबंध की प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे और भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।

परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा 1 सितंबर को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। सभी जिलों के कलेक्टरों जिला कार्यक्रम समन्वयकों और संबंधित मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को नए प्रावधान का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है। सचिव उपलब्ध होने की स्थिति में ग्राम रोजगार सहायक का अनुबंध पहले की तरह पंचायत सचिव के साथ ही किया जाएगा। लेकिन जहां सचिव का पद रिक्त है या पंचायत में सचिव पदस्थ नहीं है अथवा ग्राम रोजगार सहायक ही सचिव का प्रभार संभाल रहा है वहां संविदा अनुबंध जनपद पंचायत के अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी APO मनरेगा द्वारा किया जाएगा।

यदि किसी जनपद पंचायत में APO का पद भी रिक्त है तो वहां प्रभारी अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी को एग्रीमेंट की प्रक्रिया पूरी करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। नई व्यवस्था से सचिव विहीन पंचायतों में ग्राम रोजगार सहायकों के नए संविदा अनुबंध और उनके नवीनीकरण की प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और सुचारु होने की उम्मीद है। साथ ही सबसे बड़ी बात यह है कि खुद के साथ एग्रीमेंट करने जैसी विवादित स्थिति पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। परिषद के इस फैसले को पंचायत स्तर की प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और संविदा प्रक्रिया को कानूनी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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