जिस जमीन पर पीढ़ियों से रह रहे थे अब मिलेगा अधिकार नितिन नवीन करेंगे इंदौर में योजना की शुरुआत
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन का यह मध्यप्रदेश में पहला दौरा होगा। हालांकि उनके स्वागत के लिए किसी तरह की बड़ी रैली या शोभायात्रा आयोजित नहीं की जाएगी। उनका दौरा सीमित समय का रहेगा और वे सीधे सरकारी कार्यक्रम में पहुंचेंगे। बताया गया है कि इसी दिन उनका उज्जैन और नीमच जाने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। हालांकि उनके पूरे दौरे का अधिकृत कार्यक्रम अभी जिला प्रशासन को नहीं मिला है।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अनुसार स्वामित्व योजना का उद्देश्य ऐसे लोगों को उनकी जमीन और मकान का अधिकार दिलाना है जो लंबे समय से किसी स्थान पर रह रहे हैं लेकिन उनके पास उस जमीन का वैध दस्तावेज या पट्टा उपलब्ध नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों से लंबे समय से यह समस्या सामने आती रही है कि कई परिवार चार दशक या उससे भी ज्यादा समय से अपनी जगह पर रह रहे हैं लेकिन जमीन के मालिकाना अधिकार से जुड़े कागजात उनके पास नहीं हैं।
बताया गया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब परिवारों के लिए बड़ी संख्या में मकान बनाए गए हैं। इसी दौरान ग्रामीण इलाकों में रहने वाले परिवारों ने जमीन के अधिकार से जुड़ी समस्या भी सामने रखी। इसके बाद स्वामित्व योजना के जरिए ऐसे परिवारों को उसी स्थान पर अधिकार देने की दिशा में काम आगे बढ़ाया गया जहां वे वर्षों से रह रहे हैं।
इंदौर के सुपर कॉरिडोर मैदान में होने वाले कार्यक्रम में 50 हजार से ज्यादा लोगों के शामिल होने की संभावना है। इनमें करीब 30 हजार लाभार्थी आसपास के गांवों से पहुंचेंगे। जिला प्रशासन ने कार्यक्रम को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। कार्यक्रम स्थल के साथ साथ आने जाने वाले रास्तों पार्किंग सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
लाभार्थियों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने के लिए करीब 2 हजार बसों की व्यवस्था किए जाने की तैयारी है। बारिश को देखते हुए भी आयोजन स्थल पर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि लोगों को परेशानी न हो। नितिन नवीन की सुरक्षा को देखते हुए उनके संभावित रूट पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और कार्यक्रम स्थल पर सीसीटीवी कैमरों समेत अन्य सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।
जिला प्रशासन को दिल्ली से राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे का अंतिम कार्यक्रम मिलने के बाद सुरक्षा और ट्रैफिक प्लान को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस कार्यक्रम के जरिए लंबे समय से जमीन पर रह रहे उन लोगों को स्वामित्व का अधिकार देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी जिनके पास अब तक अपने घर और जमीन से जुड़े वैध दस्तावेज नहीं थे।
