इंदौर में दो दर्दनाक घटनाएं ई रिक्शा चालक ने इलाज के दौरान तोड़ा दम मासूम की मौत के मामले में ठेकेदार पर कसा शिकंजा
पहली घटना बाणगंगा थाना क्षेत्र की है जहां पंचम की फेल निवासी 38 वर्षीय कपिल रमनवाल बीते 24 जुलाई की शाम अपने ई रिक्शा से गुजर रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे दूसरे वाहन को बचाने के प्रयास में उनका ई रिक्शा असंतुलित होकर पलट गया। हादसा इतना गंभीर था कि कपिल के सिर हाथ और पैर में गहरी चोटें आईं। राहगीरों और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल एमवाय अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा था। कई दिनों तक इलाज के बाद सोमवार देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली।
पुलिस ने बताया कि कपिल पिछले कई वर्षों से ई रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। उनके परिवार में माता पिता दो बच्चे और एक भाई हैं। उनकी असमय मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या इसमें किसी अन्य वाहन की भी भूमिका थी।
दूसरी घटना कनाड़िया क्षेत्र की है जिसने पूरे शहर को झकझोर दिया। यहां चार वर्षीय रुद्र चौहान की निर्माणाधीन मकान परिसर में बनी खुली पानी की टंकी में गिरने से मौत हो गई थी। घटना 10 जुलाई की बताई गई है। पुलिस जांच में सामने आया कि बच्चे के पिता गोलू काम पर गए हुए थे जबकि मां पूजा घर पर दोनों बच्चों के साथ मौजूद थीं। खेलते खेलते रुद्र घर से निकलकर पास के निर्माणाधीन मकान तक पहुंच गया जहां सुरक्षा के कोई पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। खुली पानी की टंकी में गिरने से उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद परिजनों ने बच्चे को तुरंत अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की जांच के बाद पुलिस ने निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार राजेश पवैया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच में यह सामने आया कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था जिससे यह दुखद हादसा हुआ।
दोनों घटनाएं यह संकेत देती हैं कि सड़क पर सावधानी और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोनों मामलों में निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय लोगों ने भी मांग की है कि शहर में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
